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Faridabad News: शिकायतें लंबित मिलीं तो अब अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए एक सप्ताह में निपटारे के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान करने और अनावश्यक देरी होने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
वीसी के बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जिले में सीएम विंडो, सीपीजीआरएएमएस, सीएम जनसंवाद, समाधान शिविर और सीएम एसएमजीटी हरियाणा पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा किया जाए, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत पोर्टल पर एक भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि कोई शिकायत ओवरड्यू नहीं होनी चाहिए। शिकायत के निपटारे के बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सभी जरूरी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सही तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जाए। एटीआर पर सक्षम अधिकारी या संबंधित एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर और मुहर भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से अपने डीडीओ लॉगिन चेक करने और शिकायतों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और डिस्पोज ऑफ स्कोर में सुधार पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में एचएसवीपी प्रशासक धीरज, जिला परिषद की सीईओ शिखा, तीनों एसडीएम, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अमित मान, आरटीए सचिव मुनीश सहगल, सीटीएम अंकित कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान करने और अनावश्यक देरी होने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
वीसी के बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जिले में सीएम विंडो, सीपीजीआरएएमएस, सीएम जनसंवाद, समाधान शिविर और सीएम एसएमजीटी हरियाणा पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा किया जाए, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत पोर्टल पर एक भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि कोई शिकायत ओवरड्यू नहीं होनी चाहिए। शिकायत के निपटारे के बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सभी जरूरी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सही तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जाए। एटीआर पर सक्षम अधिकारी या संबंधित एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर और मुहर भी सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से अपने डीडीओ लॉगिन चेक करने और शिकायतों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और डिस्पोज ऑफ स्कोर में सुधार पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में एचएसवीपी प्रशासक धीरज, जिला परिषद की सीईओ शिखा, तीनों एसडीएम, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अमित मान, आरटीए सचिव मुनीश सहगल, सीटीएम अंकित कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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