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Faridabad News: अब अभिभावक भी रखेंगे मिड डे मील पर नजर

Mon, 06 Oct 2025 12:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:19 AM IST
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Now parents will also keep an eye on the mid-day meal
शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश, भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता देखेंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी

हथीन। जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील भोजन पर अब अभिभावक भी नजर रखेेंगे। बच्चों को परोसने से पहले शिक्षक और अभिभावक मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश में कहा गया है कि अब विद्यालयों में भोजन परोसने से पहले शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावक भी भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता देखेंगे। प्रत्येक विद्यालय में गठित विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को सक्रिय किया जाएगा। इसमें ऐसे जागरूक अभिभावकों को शामिल किया जाएगा, जो नियमित रूप से स्कूल आकर भोजन की निगरानी कर सकें। समिति के एक सदस्य और एक अभिभावक को भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन सदस्यों का रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे एक रजिस्टर में प्रतिदिन दर्ज किया जाएगा। इससे जिम्मेदारी एक व्यक्ति पर नहीं रहेगी और सहभागिता बढ़ेगी। इसके अलावा एक शिक्षक को भी निगरानी का कार्य सौंपा जाएगा। पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में सप्ताह के विभिन्न दिनों में रोटी, चावल, दाल, सब्जी और खिचड़ी दिया जाता है। जिले के लगभग 40 हजार छात्र प्रतिदिन मिड डे मील का लाभ लेते हैं।
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खराब अनाज उपयोग में न लाने की सख्त हिदायत



खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय खाद्य निगम के मुताबिक अनाज तीन महीने तक सुरक्षित रहता है। छुट्टियों के दौरान बचे हुए अनाज के स्टाॅक में कीड़े लगने की आशंका को देखते हुए स्कूलों को खराब अनाज उपयोग में न लाने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अलावा नए और पुराने अनाज को अलग-अलग भंडारण करने और आवश्यकता से अधिक स्टॉक न रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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वर्जन

मिड-डे मील योजना के तहत भोजन परोसने से पहले शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावक भी भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता देखेंगे, ताकि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल सके। इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। -अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
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