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अब ईएसआईसी में अत्याधुनिक तकनीक से होंगे न्यूरो ऑपरेशन

Wed, 11 May 2022 10:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 10:45 PM IST
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Now neuro operation will be done in ESIC with state-of-the-art technology
फरीदाबाद। ईएसआई कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। दिमागी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ही न्यूरो सर्जरी हो सकेगी। इसके लिए चार न्यूरो सर्जन की भर्ती की गई है। करीब दो माह में जर्मनी से मंगाई गई मशीनें भी स्थापित कर दी जाएंगी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।
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जिले में करीब 6.5 लाख ईएसआई कार्ड धारक हैं। यहां फरीदाबाद समेत पलवल, हथीन, होडल, सोनीपत, गोहना, रेवाड़ी इत्यादि जिलों से रोजाना करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें दिमागी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की संख्या भी काफी होती है। वहीं अस्पताल में दिमाग और किडनी संबंधी बीमारियों के उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। दो अस्पतालों के बीच भागदौड़ से जहां समय ज्यादा लगता है, वहीं मरीजों की जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। कभी-कभार निजी अस्पतालों में ईएसआई के मरीजों से व्यवहार भी ठीक नहीं किया जाता है। निजी अस्पतालों के ऐसे कई मामले पहले सामने आ चुके हैं। इन परेशानियों को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने अस्पताल परिसर में न्यूरो सर्जरी शुरू करने की योजना बनाई है।
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एम्स की तर्ज पर मिलेगी सुविधा
एनआईटी-तीन स्थित ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी सेंटर दिल्ली एम्स की तर्ज पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जर्मनी से अत्याधुनिक तकनीक की मशीनें मंगाई गई हैं। यहां जांच के साथ ऑपरेशन तक की पूरी सुविधा उपलब्ध होगी।
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जर्मनी से मंगाई गई हैं मशीनें
एम्स की तर्ज पर न्यूरो सर्जरी सेंटर स्थापित करने के लिए मशीनें जर्मनी से मंगाई गई हैं। अत्याधुनिक तकनीक से लैस मशीनों से ऑपरेशन में काफी सहायता मिलेगी। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफरल बंद हो जाएगा। उन्हें एक ही छत के नीचे पूरा इलाज मिल सकेगा।

एक नजर
- जिले में 6.5 लाख हैं ईएसआई कार्ड धारक।
- प्रदेश के छह जिलों से इलाज के लिए आते हैं मरीज।
- चार न्यूरो सर्जन की भर्ती की गई।
- ऑपरेशन की सुविधा न होने के कारण हर माह 10 से 15 मरीजों को करना पड़ता है निजी अस्पताल रेफर
कार्ड धारकों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ईएसआईसी प्रयासरत है। कैथलैब के बाद अब दिमागी ऑपरेशन की सुविधा शुरू की जाएगी।
- प्रो. डॉ. अनिल पांडे, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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