खाली होती जेब: टमाटर ही नहीं सब्जियों ने भी मचाया हाहाकार, ब्रोकली 120 तो मशरूम 140 के भाव; टिंडा तोड़ रहा कमर
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बारिश से किसानों की सब्जियों की फसल पर असर हुआ है। बाजार में इस समय अधिकतम सब्जी बाहर की हैं।
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बारिश का सबसे ज्यादा असर सब्जियों पर हुआ है और अचानक उनके दाम बढ़ गए हैं। टमाटर के दाम 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए तो लौकी 50 रुपये किलो बिक रही है। महंगाई के कारण आम आदमी की थाली में हरी सब्जी की मात्रा कम हो गई है।
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बारिश से किसानों की सब्जियों की फसल पर असर हुआ है। बाजार में इस समय अधिकतम सब्जी बाहर की हैं। एनआईटी-5 मार्केट में सब्जी बेच रहे रवि कुमार ने बताया कि महंगाई होने पर लोग कटौती करना शुरू कर देते हैं। टमाटर का दाम बढ़ते ही लोगों ने एक किलो की जगह एक पाव खरीदना शुरू कर दिया है, ऐसे ही हरी सब्जियों की मात्रा भी कम कर दी है। इसका असर दुकानदारी पर पड़ रहा है, थोक में खरीदने वाले दुकानदारों का सामान खराब हो रहा है।
सब्जियों के दाम सुनकर गृहणियां हुईं परेशान
बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम हो गई है। जिससे सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से सब्जियों के दामों में तेजी आ रही है। सबसे ज्यादा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। वहीं गृहणियों का बजट बिगड़ गया है, महिलाओं की मानें तो महंगाई के कारण थाली से सब्जियां गायब होती जा रही हैं। आसमान छू रही हरी सब्जियों के दाम ने लोगों की थाली महंगी कर दी है। महंगाई ने परेशानी बढ़ा दी है।
अचानक सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। बारिश के बाद कुछ दाम बढ़ जाते थे पर इतनी महंगी पहली बार हुई है। आलू को छोड़कर 30-40 रुपये किलो से कम तो एक भी सब्जी नहीं है। -सुनीता यादव, गृहिणी ग्रेटर फरीदाबाद।
10 दिन पहले तक 100 रुपये की सब्जी में घर का पूरे दिन का काम चल जाता था7 अब 200 रुपये में भी काम नहीं चल पा रहा है। महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। -शिल्पा रस्तोगी, गृहिणी ग्रेटर फरीदाबाद।