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Faridabad News: मिलावटखोरों पर नहीं हो रही सख्त कार्रवाई
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137 मामलों में से 131 में 10 हजार या इससे कम जुर्माना लगाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है। वहीं, विभाग खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। फरीदाबाद में एक अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 तक निपटाए गए 137 मामलों में से 131 में 10 हजार रुपये या इससे कम जुर्माना लगाया गया। यानी फरीदाबाद में करीब 95.6 प्रतिशत मामलों में जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये तक सीमित रही। वहीं, जिले में किसी भी मामले में 50 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना नहीं लगाया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा को लेकर मुख्यालय में बैठक हुई। बैठक के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कम जुर्माना लगाए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों से खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
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वर्जन
विभाग की ओर से समय-समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाती है।- डॉ. पुनीत शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है। वहीं, विभाग खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। फरीदाबाद में एक अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 तक निपटाए गए 137 मामलों में से 131 में 10 हजार रुपये या इससे कम जुर्माना लगाया गया। यानी फरीदाबाद में करीब 95.6 प्रतिशत मामलों में जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये तक सीमित रही। वहीं, जिले में किसी भी मामले में 50 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना नहीं लगाया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा को लेकर मुख्यालय में बैठक हुई। बैठक के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कम जुर्माना लगाए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों से खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
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विभाग की ओर से समय-समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाती है।- डॉ. पुनीत शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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