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Faridabad News: 60 दिन में ट्रायल पूरा नहीं होने पर जमानत का अधिकार नहीं
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फरीदाबाद। 60 दिन में साक्ष्य पूरा नहीं होने पर आरोपी को जमानत का स्वत अधिकार नहीं है। अदालत कारण दर्ज कर जमानत देने से इनकार कर सकती है। 4.74 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के आरोपी मोनिश अली की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने यह टिप्पणी की है। अदालत ने आरोपी की कथित भूमिका, आरोपों की गंभीरता और मामले में 18 अभियोजन गवाह होने को अहम माना और निचली अदालत के 25 अगस्त के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार मोनिश अली और उसके साथियों पर साइबर ठगी के लिए बैंक खाते मुहैया कराने और ठगी के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने का आरोप है। जांच में उसके द्वारा होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में पहुंचाने के लिए कुछ खातों को लाभार्थी के रूप में जोड़ने की बात सामने आई। मोनिश की ओर से दलील दी गई कि वह नौ नवंबर से जेल में है, 27 अप्रैल और 16 मई 2026 को आरोप तय हो चुके हैं व 30 मई 2026 से साक्ष्य शुरू होना था, लेकिन 60 दिन में साक्ष्य पूरा नहीं हुआ। इसी आधार पर जमानत मांगी गई थी। अदालत ने कहा कि अनिवार्य प्रावधान नहीं है। संवाद
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पुलिस के अनुसार मोनिश अली और उसके साथियों पर साइबर ठगी के लिए बैंक खाते मुहैया कराने और ठगी के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने का आरोप है। जांच में उसके द्वारा होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में पहुंचाने के लिए कुछ खातों को लाभार्थी के रूप में जोड़ने की बात सामने आई। मोनिश की ओर से दलील दी गई कि वह नौ नवंबर से जेल में है, 27 अप्रैल और 16 मई 2026 को आरोप तय हो चुके हैं व 30 मई 2026 से साक्ष्य शुरू होना था, लेकिन 60 दिन में साक्ष्य पूरा नहीं हुआ। इसी आधार पर जमानत मांगी गई थी। अदालत ने कहा कि अनिवार्य प्रावधान नहीं है। संवाद
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