फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   No respite from toxic winds, AQI recorded at 416

Faridabad News: जहरीली हवाओं से नहीं मिल रही राहत, 416 दर्ज किया गया एक्यूआई

Sat, 25 Nov 2023 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Nov 2023 11:43 PM IST
विज्ञापन
No respite from toxic winds, AQI recorded at 416
एनसीआर में दूसरे दिन भी सबसे प्रदूषित शहर रहा फरीदाबाद
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जहरीली हवाओं से लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल रही है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन फरीदाबाद एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक 416 दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग आठ गुना अधिक है। यह प्रदूषण की खतरनाक श्रेणी में आता है। प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत और हृदय रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जहरीली हवा से स्मार्ट सिटी के लोग बेहाल हैं। शनिवार को आसमान पर पिछले दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा स्मॉग दिखा। आसमान में काली धुंध की मोटी परत छाई थी। इस दौरान कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से अधिक दर्ज किया गया। हालांकि तीन दिन पहले हवा चलने से एक्यूआई थोड़ा कम हुआ था, लेकिन अब इसमें धीरे-धीरे फिर से वृद्धि होने लगी है। बृहस्पतिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 356 दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को बढ़कर 400, शुक्रवार को यह 415 दर्ज किया गया था, जो एनसीआर में सबसे अधिक था। जहरीली हवा से दूसरे दिन भी लोगों को राहत नहीं मिली है। शनिवार को एक बार फिर एक्यूआई 416 तक पहुंच गया है। यह एनसीआर में टॉप पर है। शहर के अलग-अलग क्षेत्र की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र सबसे प्रदूषित रहा। यहां का एक्यूआई 451 दर्ज किया गया। वहीं, सेक्टर 30 क्षेत्र में 414, सेक्टर 16ए क्षेत्र में 409, सेक्टर-11 क्षेत्र में 383 व बल्लभगढ़ क्षेत्र में 376 एक्यूआई दर्ज किया गया।
विज्ञापन

वायु प्रदूषण व्यक्ति के शरीर में साइलेंट किलर की तरह काम करता है। हवा में मौजूद जहरीले कण हार्ट अटैक और फेफड़ों की बीमारी को चार गुना बढ़ा देते हैं। इस मौसम में बुजुर्ग, धूम्रपान करने वाले लोग, डायबिटीज ग्रस्त और हृदय रोगी सबसे ज्यादा चपेट में आते हैं। पीएम 2.5 सबसे घातक है।लोगों को सुबह की सैर बिल्कुल बंद कर देनी चाहिए। घर के अंदर व्यायाम करें। - डॉ. अरविंद, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

पीएम 2.5 स्तर में प्रत्येक 10 माइक्रोग्राम से हृदय संबंधी मृत्यु दर लगभग दो गुनी होती है। लगातार पांच से 10 साल तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हृदय रोगियों के लिए यह मौसम बहुत खतरनाक है। इससे केवल सावधानी बरत कर बचा जा सकता है। - डॉ. ऋषि गुप्ता, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ

प्रदूषण का स्तर फिलहाल खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। हमारी टीमें लगातार अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article