फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   No marks were obtained in the category of garbage free city, a big challenge for the corporation

Faridabad News: कूड़ा मुक्त शहर की श्रेणी में नहीं मिले अंक, निगम के लिए बड़ी चुनौती

Sat, 19 Jul 2025 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
No marks were obtained in the category of garbage free city, a big challenge for the corporation
समय पर कूड़ा उठाव और सख्त निगरानी ही बनेगी समाधान का रास्ता
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 की रिपोर्ट में फरीदाबाद को गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) में शून्य अंक मिले हैं। यह स्थिति न केवल नगर निगम के लिए चिंता का विषय है बल्कि शहरवासियों के लिए भी सोचने की बात है। लगातार साफ-सफाई के दावे और प्रयासों के बावजूद कचरा प्रबंधन में निगम बुरी तरह फेल हो गया है। गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग में एक प्रतिशत भी सफलता न मिलना दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कितनी कमजोर हैं।

एजेंसी का चयन होने में देरी रही मुख्य कारण
नगर निगम ने कचरा उठाने वाली एजेंसी को कई महीने पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद पांच साल के लिए नई एजेंसी के चयन को लेकर करीब 200 करोड़ रुपये का टेंडर होना है, जो अब तक चंडीगढ़ से मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इसी वजह से फिलहाल कचरा प्रबंधन में ढील देखने को मिल रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि कचरा प्वाइंट से कचरा उठाने वाली मौजूदा कंपनी का काम भी संतोषजनक नहीं है। जुलाई में ही नई एजेंसी चयन की योजना बनाई गई है ताकि सुधार हो सके।
विज्ञापन


नगर निगम को कचरा प्रबंधन में ठोस और तेज कदम उठाने की जरूरत
समय पर कूड़ा उठाव की व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
नई एजेंसी के चयन में पारदर्शिता रखनी होगी ताकि बेहतर कार्य हो सके
निगरानी के लिए एक्टिव मॉनिटरिंग टीम का गठन करना जरूरी है, जो रोजाना रिपोर्ट ले और फील्ड में काम को परखे।
शहर के विभिन्न स्थानों पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग जमा कराने की व्यवस्था को लागू करना होगा।
कचरा प्वाइंट पर सेंसिटिव कैमरे और लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से निगरानी बढ़ानी होगी।

टेंडर के बाद सुधरेंगे हालात
नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि नए टेंडर के बाद हालात सुधरेंगे, लेकिन जब तक ठोस एक्शन नहीं लिया जाएगा, तब तक फरीदाबाद का कचरा प्रबंधन जीरो रेटिंग से ऊपर नहीं जा सकेगा। नगर निगम के लिए अब यह समय खुद को साबित करने का है।
विज्ञापन
विज्ञापन



आरडब्ल्यूए को भी करना होगा सहयोग
निगम की तरफ से टेंडर न होने की स्थिति में कई स्थानों पर आरडब्ल्यूए व कई स्थानों पर स्थानीय निगम पार्षद के नेतृत्व में डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम किया जा रहा है। वहीं निजी ठेकेदारों की मदद से यह काम चल रहा है लेकिन निजी ठेकेदार व कर्मचारी ठीक से अपना काम नहीं कर रहे हैं उन्हें यह भी पता है कि लोगों के पास अभी कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है वे लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। आरडब्ल्यूए व स्थानीय नेताओं को आगे आकर निगम के साथ मिलकर इस परेशानी से निजात दिलवाने के लिए काम करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed