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Faridabad News: मानसून में नहीं होगा जलभराव, कई इलाकों में काम शुरू

Thu, 02 Apr 2026 01:08 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:08 AM IST
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No floods in monsoon, work started in many areas
अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। फरीदाबाद में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने की दिशा में अब जमीनी काम शुरू हो गया है। 600 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान के तहत पहले चरण का काम कई इलाकों में शुरू कर दिया गया है। फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) व फरीदाबाद नगर निगम ने एक साथ कार्रवाई तेज कर दी है। इस बार फोकस केवल सफाई तक सीमित न रहकर पानी को रोकने और निकालने दोनों पर है।

शहर में जहां एक ओर बड़े स्तर पर मास्टर सीवर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का काम शुरू हुआ है वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही जल निकासी में जहां तकनीकी अड़चन आती है वहां वैकल्पिक ड्रेनेज रूट तैयार किए जा रहे हैं।
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पहले चरण में 50 करोड़ से ज्यादा के काम शुरू

मास्टर प्लान के पहले चरण में 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कई अहम कार्य शुरू किए गए हैं। इसमें मास्टर सीवर लाइन और मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई प्राथमिकता पर है। करीब 75 प्रतिशत तक चोक हो चुके नालों को मशीनों के जरिए साफ किया जा रहा है ताकि पानी का प्रवाह सुचारू हो सके। इसके साथ ही, जहां-जहां ड्रेनेज नेटवर्क अधूरा है वहां मिसिंग पाइप डाले जा रहे हैं और पुरानी पाइपलाइन की मरम्मत भी की जा रही है। एफएमडीए ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 120 दिनों की समय सीमा तय की है मानसून से पहले शहर की स्थिति में सुधार दिख सके।
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हर सरकारी भवन में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी कार्यालय अपने परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को चालू रखें। जिन जगहों पर यह सिस्टम खराब है उन्हें ठीक किया जा रहा है और जहां जरूरत है वहां नए सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इस कदम से बारिश का पानी सीधे सड़कों पर जमा होने के बजाय जमीन में जाएगा जिससे जलभराव कम होने के साथ-साथ भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी।


अब बैकअप भी रहेगा तैयार

इस बार जल निकासी के लिए केवल मुख्य नालों पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। जिन इलाकों में तकनीकी अड़चन के कारण पानी रुक जाता है वहां वैकल्पिक ड्रेनेज रूट तैयार किए जा रहे हैं। इससे अगर किसी कारण मुख्य सिस्टम फेल होता है तो पानी निकालने के लिए दूसरा रास्ता पहले से मौजूद रहेगा। यह व्यवस्था खासतौर पर उन इलाकों के लिए अहम है जहां हर साल जलभराव की स्थिति बनती है।


हर साल होती है समस्या, इस बार स्थायी समाधान पर फोकस

एनएच-19, सेक्टर-21सी, सेक्टर-28, एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद और अन्य कई हिस्सों में हल्की बारिश भी भारी परेशानी बन जाती है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होता है और कई बार लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में इस बार शुरू हुआ जमीनी काम सीधे इन समस्याओं को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



120 दिन की समय सीमा में पूरा होगा प्रोजेक्ट

एफएमडीए ने जिन स्थानों पर काम शुरू हो चुका है वहां पर प्रोजेक्ट को 120 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एजेंसियों को 15 दिन के भीतर तैयारी पूरी कर काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। नालों की सफाई के बाद सीसीटीवी सर्वे के जरिए उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी ताकि काम केवल कागजों तक सीमित न रहे।



पहले चरण का में जो काम होने पर उनमें से कई कार्यों की शुरुआत की जा चुकी है। इसमें मास्टर सीवर लाइन व मुख्य ड्रेनेज पर काम किया जा रहा है। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
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