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Faridabad News: लड़कियों के डूबने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने डीसी व एसपी से मांगी रिपोर्ट
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ईंट भट्टे के गड्ढे में तीन नाबालिग लड़कियों के डूबने से हुई थी माैत, दो सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गांव सराय में तीन नाबालिग चचेरी बहनों के ईंट भट्टे के गड्ढे में डूबने से हुई मौत के मामले में जिला उपायुक्त के अलावा पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। आयोग की कार्रवाई अमर उजाला में घटना की खबर प्रमुखता से छपने के बाद हुई।
दरअसल, नेशनल हाईवे पर स्थित गांव सराय में बने भूमिया ब्रिक्स फील्ड ईंट भट्टे पर संचालकों द्वारा खनन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा था और गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया। जिसमें 6 अगस्त को गांव निवासी शाहिद की बेटी अंशिफा (7 वर्ष), अपनी छोटी बहन सोफिया (5 वर्ष) और चचेरी बहन अल्फिया (6 वर्ष) के साथ बकरियां चराने के लिए गांव के बाहर खेतों में गई हुई थी। जहां ईंट भट्टे पर गड्ढे में भरे बारिश के पानी में नहाने के दौरान तीनों बहनों की मौत हो गई।
इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा भट्ठा संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। थाना पुलिस ने मामले में 194 भारतीय दंड संहिता के तहत कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा कर दिया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लेते हुए इस घटना को मानव अधिकार उल्लंघन करार दिया है।
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आयोग ने इस घटना पर कार्यवाही करते हुए जिला मजिस्ट्रेट (डीसी) सहित एसपी पलवल को नोटिस जारी कर मामले में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, जहां तीन नाबालिग बेटियों की मौत हुई। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही की, इसके अलावा मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता दी गई या नहीं, इसकी रिपोर्ट मांगी है।
हालांकि जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को कार्रवाई करने के आदेश जारी किए, लेकिन इस मामले में खनन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गांव सराय में तीन नाबालिग चचेरी बहनों के ईंट भट्टे के गड्ढे में डूबने से हुई मौत के मामले में जिला उपायुक्त के अलावा पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। आयोग की कार्रवाई अमर उजाला में घटना की खबर प्रमुखता से छपने के बाद हुई।
दरअसल, नेशनल हाईवे पर स्थित गांव सराय में बने भूमिया ब्रिक्स फील्ड ईंट भट्टे पर संचालकों द्वारा खनन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा था और गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया। जिसमें 6 अगस्त को गांव निवासी शाहिद की बेटी अंशिफा (7 वर्ष), अपनी छोटी बहन सोफिया (5 वर्ष) और चचेरी बहन अल्फिया (6 वर्ष) के साथ बकरियां चराने के लिए गांव के बाहर खेतों में गई हुई थी। जहां ईंट भट्टे पर गड्ढे में भरे बारिश के पानी में नहाने के दौरान तीनों बहनों की मौत हो गई।
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इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा भट्ठा संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। थाना पुलिस ने मामले में 194 भारतीय दंड संहिता के तहत कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा कर दिया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लेते हुए इस घटना को मानव अधिकार उल्लंघन करार दिया है।
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आयोग ने इस घटना पर कार्यवाही करते हुए जिला मजिस्ट्रेट (डीसी) सहित एसपी पलवल को नोटिस जारी कर मामले में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, जहां तीन नाबालिग बेटियों की मौत हुई। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही की, इसके अलावा मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता दी गई या नहीं, इसकी रिपोर्ट मांगी है।
हालांकि जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को कार्रवाई करने के आदेश जारी किए, लेकिन इस मामले में खनन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई।