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नेपाल हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा: शंकर भंडारी
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- बालाजी कॉलेज में नेपाल एक हिंदू राष्ट्र : संभावनाएं और कारण विषय पर सम्मेलन, नेपाली सांसद ने रखे अपने विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज में रविवार देर शाम नेपाल एक हिंदू राष्ट्र : संभावनाएं और कारण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शंकर भंडारी मौजूद रहे। इसकी अध्यक्षता संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) रामायण सर्किट के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने की।
नेपाली सांसद शंकर भंडारी ने कहा कि नेपाल हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। नेपाल सनातन हिंदू व्यवस्था को मानता है और इसके साथ ही व्यवहार में भी जीता है। जब राष्ट्र रहेगा, तभी राजनीति रहेगी। नेपाल भारत का मित्र राष्ट्र ही नहीं बल्कि भाई है। रामायण सर्किट के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने कहा कि भारत विश्व में सबसे बड़ी आध्यात्मिक शक्ति के रूप में केवल अपनी सनातन वृत्ति के कारण पहुंचा है।
नेपाल के योजना और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. रघुराज काफले ने कहा कि भारत-नेपाल की हिंदू संस्कृति है। आज दोनों राष्ट्रों उन वैश्विक शक्तियों से दुखी हैं जो परोक्ष रूप से हिंदुत्व के विरोध में काम कर रहे हैं। जनकपुर नेपाल के विक्रम यादव ने औद्योगिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक इकाइयों में हिंदू और प्रकृति विरोधी ताकत बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हिंदू नहीं जागा तो परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सम्मेलन के संयोजक और ग्रीन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने कहा कि हिंदू तो वह है जो किसी भी हिंसा को जन्म नहीं देता बल्कि हिंसा को शांत करता है। जहां भगवान राम भारत और माता सीता नेपाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, पत्रकार संघ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज में रविवार देर शाम नेपाल एक हिंदू राष्ट्र : संभावनाएं और कारण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शंकर भंडारी मौजूद रहे। इसकी अध्यक्षता संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) रामायण सर्किट के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने की।
नेपाली सांसद शंकर भंडारी ने कहा कि नेपाल हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। नेपाल सनातन हिंदू व्यवस्था को मानता है और इसके साथ ही व्यवहार में भी जीता है। जब राष्ट्र रहेगा, तभी राजनीति रहेगी। नेपाल भारत का मित्र राष्ट्र ही नहीं बल्कि भाई है। रामायण सर्किट के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने कहा कि भारत विश्व में सबसे बड़ी आध्यात्मिक शक्ति के रूप में केवल अपनी सनातन वृत्ति के कारण पहुंचा है।
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नेपाल के योजना और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. रघुराज काफले ने कहा कि भारत-नेपाल की हिंदू संस्कृति है। आज दोनों राष्ट्रों उन वैश्विक शक्तियों से दुखी हैं जो परोक्ष रूप से हिंदुत्व के विरोध में काम कर रहे हैं। जनकपुर नेपाल के विक्रम यादव ने औद्योगिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक इकाइयों में हिंदू और प्रकृति विरोधी ताकत बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हिंदू नहीं जागा तो परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सम्मेलन के संयोजक और ग्रीन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने कहा कि हिंदू तो वह है जो किसी भी हिंसा को जन्म नहीं देता बल्कि हिंसा को शांत करता है। जहां भगवान राम भारत और माता सीता नेपाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, पत्रकार संघ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक आदि मौजूद रहे।
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