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जसाना गांव में दिनदहाड़े घर में घुसकर पति-पत्नी की निर्मम हत्या
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फरीदाबाद। तिगांव थाने के जसाना गांव में मंगलवार दोपहर घर में घुसकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) सुखबीर और उनकी पत्नी मोनिका की हाथ-पैर बांधकर हत्या कर दी गई। सुखबीर के सिर में गोली मारी गई है, जबकि मोनिका का कत्ल गला दबाकर किए जाने की आशंका है। हालांकि उसके सिर के पास भी काफी खून जमा था। हत्यारों ने दोनों के हाथ-पैर बांधने के लिए सर्जिकल टेप का इस्तेमाल किया। मोनिका का मायका इसी गांव में है। वहीं से उनके घर दूध जाता था। मंगलवार शाम वह दूध लेने नहीं पहुंचीं तो रात को पिता रामबीर ने बेटे मनीष को बेटी के घर दूध देने भेजा। तब इस हत्याकांड का पता चला। तिगांव थाने, बल्लभगढ़ और फरीदाबाद से पुलिस के आला अफसर, फॉरेंसिक, क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं और छानबीन की। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस लूट के लिए हत्याकांड की आशंका जता रही है। बुधवार को पुलिस आयुक्त ओपी सिंह भी घटनास्थल पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, सुखबीर मूल रूप से गांव फतेहपुर चंदीला के रहने वाले थे। जसाना गांव निवासी मोनिका से उनकी शादी दो मई, 2013 को हुई थी। सुखबीर ने जसाना में ही जमीन लेकर घर बनाया था और वहीं पत्नी के साथ रहते थे। सुखबीर ने अपने बड़े भाइयों के साथ बड़खल क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलें बनाने की फैक्टरी लगा रखी थी। वह फैक्टरी के अकाउंट का काम भी खुद ही देखते थे। मोनिका गृहिणी थीं।
सुखबीर के भाई ओमबीर ने बताया कि मंगलवार को पेट में दर्द होने के कारण वे फैक्टरी नहीं गए थे। उधर, परिजनों के अनुसार, रोज शाम को मोनिका मायके से दूध लेने जाती थीं, मगर मंगलवार को वह नहीं आईं। पिता ने बेटे मनीष को मोनिका के घर दूध देकर आने को कहा। वह रात करीब 9 बजे मोनिका के घर पहुंचा तो सारे दरवाजे खुले हुए थे। वह पहली मंजिल पर बने मोनिका के घर में दाखिल हुआ तो दंपती के खून से लथपथ शव देख होश उड़ गए। उसने तत्काल फोन कर पिता को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को बताया गया।
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पुलिस के मुताबिक, सुखबीर मूल रूप से गांव फतेहपुर चंदीला के रहने वाले थे। जसाना गांव निवासी मोनिका से उनकी शादी दो मई, 2013 को हुई थी। सुखबीर ने जसाना में ही जमीन लेकर घर बनाया था और वहीं पत्नी के साथ रहते थे। सुखबीर ने अपने बड़े भाइयों के साथ बड़खल क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलें बनाने की फैक्टरी लगा रखी थी। वह फैक्टरी के अकाउंट का काम भी खुद ही देखते थे। मोनिका गृहिणी थीं।
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सुखबीर के भाई ओमबीर ने बताया कि मंगलवार को पेट में दर्द होने के कारण वे फैक्टरी नहीं गए थे। उधर, परिजनों के अनुसार, रोज शाम को मोनिका मायके से दूध लेने जाती थीं, मगर मंगलवार को वह नहीं आईं। पिता ने बेटे मनीष को मोनिका के घर दूध देकर आने को कहा। वह रात करीब 9 बजे मोनिका के घर पहुंचा तो सारे दरवाजे खुले हुए थे। वह पहली मंजिल पर बने मोनिका के घर में दाखिल हुआ तो दंपती के खून से लथपथ शव देख होश उड़ गए। उसने तत्काल फोन कर पिता को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को बताया गया।
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