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Faridabad News: कारोबारी की मौत के बाद जागा निगम, पशुपालक पर केस दर्ज करने की तैयारी

Wed, 12 Aug 2026 10:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:55 PM IST
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Municipal body swings into action following businessman's death; preparations underway to register a case against the cattle owner.
एनआईटी-3 में सड़क पर बैठी गाय की चपेट में आने से हुआ था हादसा
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अमर उजाला ब्यूरो


फरीदाबाद। एनआईटी-3 में सड़क पर बैठी गाय की चपेट में आने से कारोबारी आशु खत्री की मौत के बाद नगर निगम प्रशासन की नींद टूटी है। निगम ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। हादसे के बाद अब निगम ने पशुपालक की खोज शुरू कर दी है। टीम हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही पशुपालक की पहचान करने में जुटी हुई है। निगम पशु मालिक की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी में हैै।
गौरतलब है कि एनआईटी-3 में मंगलवार तड़के सड़क पर बैठी गाय से टकराकर स्कूटी सवार कारोबारी आशु खत्री की मौत हो गई थी। हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ। जानकारी के अनुसार आशु अपने दोस्त के घर से स्कूटी पर लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पर अचानक गाय सामने आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आशु स्कूटी समेत उछलकर करीब 15 फीट दूर जा गिरा। वहीं गाय भी टक्कर के बाद सड़क पर पलटती रही। हादसे में आशु गंभीर रूप से घायल हो गया और करीब एक घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा। सुबह होने पर आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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सड़क 10 हजार लावारिस
पशुओं का घर

पिछले दो साल में बेसहारा पशुओं के कारण 15 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कई लोगों की जान जा चुकी है। सड़क पर अचानक सामने आने वाले पशुओं के कारण सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 10 हजार से अधिक बेसहारा गोवंश खुले में घूम रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए पहले निगम के पास केवल दो कैटल कैचर वाहन थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। निगम का दावा है कि साल 2024 से 2026 के बीच करीब पांच हजार बेसहारा पशुओं को पकड़कर अलग-अलग गोशालाओं में भेजा गया है। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की समस्या खत्म नहीं हुई है। नीलम-बाटा रोड, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर अक्सर पशुओं के झुंड देखे जाते हैं। कई बार पकड़े गए पशु दोबारा खुले में छोड़ दिए जाते हैं, जिससे समस्या बनी रहती है।
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पहले हो चुके हैं हादसे
24 अप्रैल 2026-बाजार जा रही महिला और उनकी दो बेटियों को लावारिस पशुओं ने घायल किया
05 अगस्त 2025-गुरुग्राम मार्ग पर आवारा पशु के चपेट में आकर इंजीनियर घायल
06 अगस्त 2025-दयालबाग में आवारा पशु से बचकर निकली महिला को कार ने मारी टक्कर
02 अगस्त-2024- भारत कॉलोनी में सांड की टक्कर से एक प्रॉपर्टी डीलर की मौत
07 अप्रैल 2024- सेक्टर-तीन में लावारिश पशु के चपेट में आकर मां-बेटा घायल
05 अप्रैल-2024- सेक्टर-तीन में लावारिश पशु की चपेट में आकर एक बुजुर्ग घायल
01 नवंबर 2021- गांव खेड़ी गांव लावारिस पशु की चपेट में आकर बुजुर्ग महिला की मौत
13 अगस्त-2017- फरीदपुर से खेड़ीकलां सड़क पर लावारिश पशु की चपेट में आकर युवक की मौत
13 अगस्त-2017- फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग पर एक सांड़ की टक्कर से युवक की मौत
20 मई 2017 को बड़खल में सांड़ की टक्कर से सैनिक कॉलोनी निवासी एक महिला की मौत

नगर निगम लगातार बेसहारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई कर रहा है। पशुओं को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। निगम के पास सात कैटल कैचर वाहन हैं, जिनके माध्यम से अधिक क्षेत्रों में अभियान चलाकर सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाया जा रहा है।- नीतीश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम फरीदाबाद
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