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MSME For Bharat: फरीदाबाद के उद्यमियों ने गिनाईं समस्याएं, निगम आयुक्त का वादा, अधिकारियों ने दिया भरोसा

Sat, 20 Sep 2025 10:05 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 20 Sep 2025 10:05 PM IST
सार

MSME for Bharat Conclave In Faridabad: अमर उजाला के आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में फरीदाबाद के प्रमुख उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन के समक्ष जाम, जलभराव और स्टार्टअप पंजीकरण की अड़चनों की शिकायतें रखीं। वहीं मौजूद नगर निगम आयुक्त ने सड़क चौड़ीकरण पर विचार का भरोसा दिलाया।

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MSME for Bharat Faridabad industrialists shared their concerns while officials offered assurances
शामिल हुए उद्योगपति व प्रशासनिक अधिकारी सामूहिक फोटो खिचवाते हुए। - फोटो : जोगेंद्र शर्मा

विस्तार

अमर उजाला की ओर से आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में जिले के प्रमुख उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी वर्षों पुरानी समस्याएं खुलकर रखीं। ट्रैफिक जाम, जलभराव और स्टार्टअप पंजीकरण प्रक्रिया में आने वाली अड़चनों को लेकर उद्यमियों ने चिंता जताई और जल्द समाधान की मांग की।

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नीलम-बाटा पुल पर भीषण जाम, चौड़ीकरण की मांग
मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने नीलम और बाटा पुल पर लगातार लगने वाले जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पुल से नीचे उतरते ही गाड़ियों की कतार लग जाती है, जिससे आवागमन बाधित होता है। यदि उस सड़क का चौड़ीकरण कर दिया जाए, तो जाम की समस्या से राहत मिल सकती है। इस पर नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने जवाब देते हुए कहा कि यह सड़क 90 डिग्री पर बनी हुई है, और इसे लेकर नगर निगम गंभीरता से विचार कर रहा है।
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स्टार्टअप पंजीकरण में चंडीगढ़ के चक्कर, पोर्टल पर काम लंबित
सरूरपुर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाह ने नई शुरुआत करने वाले उद्यमियों की परेशानियों को साझा करते हुए कहा कि स्टार्टअप की पंजीकरण प्रक्रिया आज भी चंडीगढ़ में ही पूरी करनी पड़ती है। इससे स्थानीय उद्यमियों को कई बार अनावश्यक दौड़भाग करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर पंजीकरण के लिए एक पोर्टल शुरू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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गुरुकुल इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कें गायब, घुटनों तक जलभराव
शशि प्रकाश झा, जो गुरुकुल इंडस्ट्रियल एरिया से हैं, ने बताया कि उनके क्षेत्र की स्थिति बदतर हो चुकी है। सड़कों का हाल बेहाल है और बरसात के दिनों में घुटनों तक जलभराव हो जाता है। हम लोगों ने मिलकर खुद सड़क का कुछ हिस्सा बनाया है। प्रशासन की ओर से कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उद्यमियों को राहत मिल सके। कारखाना बाग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से नीरज आहूजा ने बताया कि कई वर्षों से समस्याएं बनी हुई है। सड़क जर्जर हालत में पड़ी हुई है। सीवर ओवरफ्लो के कारण सभी उद्यमी परेशान है। इसको लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हमारी मांग है कि इस पर विचार कर समस्या का समाधान किया जाए।

जिला प्रशासन ने समस्याएं सुनीं, जल्द समाधान का भरोसा
कॉन्क्लेव में नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा और महापौर प्रवीण जोशी ने सभी समस्याओं को गहनता से सुना औ्र विचार कर समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उद्यमी को कोई समस्या होती है, तो वे तुरंत उस समस्या का फोटो खींचकर वाट्सअप करें। प्रशासन की ओर से जल्द समस्या का निवारण किया जाएगा।

24 घंटे में होगा उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान : निगम आयुक्त
अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव के दौरान निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि अब उद्योगपतियों को समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सिर्फ वॉट्सएप पर संदेश डालते ही एक्शन लिया जाएगा और 24 घंटे में समस्या का निपटारा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2800 करोड़ की लागत से शहर में झूलते तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। एनआईटी क्षेत्र की सड़कें चौड़ी की जा रही हैं, जिससे जाम से राहत मिलेगी। नगर निगम ने बारिश से पहले 30 साल पुराने अतिक्रमण हटाकर नालों की सफाई कराई है ताकि जलभराव की समस्या न हो। 

साथ ही, वेस्ट टू एनर्जी और वेस्ट टू चारकोल प्लांट से शहर की सूरत बदली जाएगी। शहर में पहले 190 एमएलडी पानी बर्बाद हो रहा था। अब निगम की तरफ से आधे से अधिक पानी को एसटीपी की मदद से दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है। लक्करपुर, भाकड़ी और नहर पार क्षेत्र में कई नए एसटीपी बनाए जाएंगे। उद्योगपतियों को सहयोग का वादा करते हुए निगम आयुक्त ने कहा कि हर माह उनकी समस्याओं को सुनने के लिए मीटिंग होगी। उद्योग जगत से जुड़े लोग यदि वाटर हार्वेस्टिंग या ग्रीन बेल्ट बनवाना चाहते हैं तो सिर्फ निगम को सूचित करना होगा। निर्माण नगर निगम कर देगा और देखभाल उद्योगपतियों को करनी होगी।

जहां जरूतर होगी वहां चौकी स्थापित होगी : संयुक्त पुलिस आयुक्त
कॉन्क्लेव के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल ने कहा कि पुलिस की भूमिका उद्योग जगत के लिए बेहद अहम है। वर्तमान में फरीदाबाद में 6 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। उद्योगपतियों की मांग पर आईएमटी क्षेत्र में चौकी स्थापित की गई है। उन्होंने भरोसा दिया कि जहां भी आवश्यकता होगी, वहां पीसीआर या चौकी स्थापित की जाएगी। साथ ही, यदि किसी उद्योगपति को निजी सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस चाहिए तो पुलिस उनकी पूरी मदद करेगी।

उद्योगपतियों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सिर्फ वाट्सएप पर संदेश डालें, निगम तुरंत एक्शन लेगा और 24 घंटे में समस्या का समाधान होगा।- धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त

आईएमटी क्षेत्र में चौकी स्थापित कर दी गई है। अगर किसी भी क्षेत्र में पीसीआर या पुलिस चौकी की जरूरत होगी तो पुलिस तुरंत संज्ञान लेगी।- राजेश दुग्गल, संयुक्त पुलिस आयुक्त

2200 करोड़ रुपये की परियोजना पास की गई है। गंगा और यमुना का पानी फरीदाबाद लाने से लोगों की बड़ी समस्या हल होगी। पानी के लिए किसी को परेशान नहीं होना होगा।- सुधीर चौहान, एफएमडीए एडवाइजर

सीजीएसटी के अधिकारियों के ईमेल एड्रेस ऑनलाइन उपलब्ध है। लोगों की सुविधा के लिए टैक्स का पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। लोगों को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है।- अरविंदर सिंह, सहायक आयुक्त, सीजीएसटी

उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन पर हुई सीधी बात
अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, निवेश की संभावनाएं, बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षा और खेल जगत से जुड़े अवसरों पर चर्चा की गई। उद्यमियों का कहना था कि इससे उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों और नीति निर्माताओं से सीधा संवाद का अवसर मिला है, जिससे भविष्य की योजनाओं को नई गति और दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेयर प्रवीण जोशी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा, संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल, सहायक आयुक्त सीजीएसटी अरविंदर सिंह और एफएमडीए एडवाइजर (रिटायर्ड चीफ टाउन प्लानर हरियाणा) सुधीर चौहान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरभान शर्मा, मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान पुष्पेंद्र सिंह, सरूरपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाह, फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गुरनाम सिंह विरदी और सोहना रोड स्क्रैप मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश राव ने अपने विचार साझा किए। 

पैनल में बैठे उद्योगपतियों ने छोटे उद्योगों को चलाने में आ रहीं अड़चनों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि 2 से 100 कर्मचारियों वाले छोटे उद्योग बड़ी संख्या में हैं, लेकिन यहां नई यूनिट खोलने की औपचारिकताएं पूरी करने में कई माह लग जाते हैं। इसे सरल बनाने की जरूरत है। मेयर प्रवीण जोशी की कार्यशैली की उद्योगपतियों ने विशेष सराहना की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन उद्योगों के लिए हर संभव सहयोग कर रहे हैं। तय नियमों और स्थानों पर उद्योग स्थापित करना पहले से आसान हुआ है। जिलों में डी ब्लॉक तय किए गए हैं, जहां बिना किसी अनुमति के उद्योग संचालित किए जा सकते हैं। वहीं, निगम कमिश्नर व संयुक्त पुलिस आयुक्त ने आश्वस्त किया कि केवल एक मैसेज या लेटर दीजिए आपकी समस्या का समाधान 24 घंटे में शुरू कर दिया जाएगा। एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य फरीदाबाद के उद्योगों की चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना था। उद्योगपति व व्यापारी संगठनों ने इस कॉन्क्लेव को बेहद अहम करार दिया।

एमएसएमई से संवर रहा युवाओं का भविष्य : मेयर
मेयर प्रवीण जोशी ने कॉन्क्लेव में मंच में कहा कि एमएसएमई महज एक शब्द नहीं शहर के हजारों परिवारों का आधार है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग खासकर युवा पीढ़ी को रोजगार दे रहे हैं जिससे उनका भविष्य संवर रहा है। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी एमएसएमई है। फरीदाबाद नगर निगम इस क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। पूरे शहर में विकास और सुधार जारी है। औद्योगिक क्षेत्र में हुए काम के बारे में मेयर ने कहा कि बारिश में जलभराव दूर करने के लिए नगर निगम की टीम ने इस बार रात को निगरानी और दिन में काम किया। करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र का जलभराव दूर हो गया है। सड़कों की दशा सुधरी है। सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बहुत से काम हमने जनभागीदारी से किए हैं। आने वाले दिनों में शहर व औद्योगिक क्षेत्र बदले हुए नजर आएंगे।

एमएसएमई कार्यक्रम की झलकियां
- शनिवार की सुबह साढ़े 11 बजे मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी व अन्य विशिष्ट अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- उसके बाद अगर उजाला दिल्ली एनसीआर के संपादक पुष्पेंद्र चौहान की ओर से स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया।
- स्वागत भाषण के बाद मुख्य अतिथि प्रवीण जोशी का संपादक पुष्पेंद्र चौहान और यूनिट हेड नोएडा रवेंद्र सुपेकर ने मोमेंटो देकर स्वागत किया।
- उसके बाद मुख्य अतिथि प्रवीण जोशी ने संबोधन करते हुए कहा कि वह औद्योगिक नगरी को कोई भी परेशानी हो वह उनको बताए। उस समस्या को वह जल्द से जल्द समाधान करेगी। साथ ही जिले को स्वच्छ बनाने के लिए उद्योगपति को सहयोग देने के लिए कहा।
- संबोधन के बाद मंच पर मौजूद विभिन्न एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने अपनी समस्या के बारे में जागरूक किया।
- समस्याओं को सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एसोसिएशन की ओर से बताई गई समस्याओं को दूर करते हुए अपने सुझाव दिए।
- अंत में कुछ उद्योगपतियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल जवाब किया। उसके बाद सभी की एक समूह फोटो ली गई।

उद्यमियों ने बिजली की कमी और लाइसेंस की जटिता का उठाया मुद्दा
अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में शहर के उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में बिजली की अनियमित आपूर्ति, फैक्ट्री और फायर लाइसेंस की जटिल प्रक्रिया, जल संचयन और सरकारी नीतियों के धरातल पर अमल को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। उद्योगपतियों ने कहा कि बिजली की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। कई छोटी इकाइयों के पास जेनसेट नहीं हैं और जगह की कमी के कारण लगा भी नहीं सकते। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं, सरकार की ओर से बनाई गई नीतियों का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। नगर निगम, इंडस्ट्री विभाग और बिजली विभाग के निचले स्तर के अधिकारी अपेक्षित कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि उच्च अधिकारी इस स्थिति में सुधार लाएं।

केवल 10 प्रतिशत उद्योगों के पास ही फैक्ट्री लाइसेंस है। उन्होंने फायर लाइसेंस की प्रक्रिया को भी बेहद जटिल बताया और सुझाव दिया कि यदि उद्योग में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, तो लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में कई विकास कार्य हुए हैं और उद्योगों को इससे फायदा हुआ है। इस वर्ष अधिक वर्षा हुई है, ऐसे में यदि प्रशासन जल संचयन के उपाय करे तो उद्योगों को भी इससे लाभ होगा। ऐसे ही कई और पहलू हैं, जिन पर यदि काम किया जाए तो सभी को इसका फायदा होगा।

उद्योगपतियों की सामूहिक मांग है कि उद्योग पंजीकरण की प्रक्रिया जिला स्तर पर की जाए, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिल सके। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्योगपतियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, इन्हीं चीजों पर पलटवार करते हुए नगर निगम आयुक्त धीरेन्द्र खड़गटा ने कहा कि कई कारखाने रिहायशी जगहों पर हैं। जहां पर अक्सर मशीनों के शोर और उनसे निकल रहे कचरे की बदबू से आम लोगों की शिकायतें आती रहती हैं। उन्हें किसी दूसरी जगह पर बनाने की आवश्यकता है।

फैक्टरी संचालन के लिए लाइसेंस की व्यवस्था जिला स्तर पर हो। कई छोटी इकाइयां भी हैं, जिन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार को इस दिशा में विचार कर सुधार करना चाहिए। - वीरभान शर्मा, अध्यक्ष, आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

अधिकतर उद्योगपति बाटा फ्लाईओवर से निकलते हैं, लेकिन सड़क खराब होने से घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। जिन लोगों के पास जेनसेट नहीं है, उनको दिक्कत होती है और उत्पादन प्रभावित होता है। - डॉ. गुरनाम सिंह विरदी, उपाध्यक्ष, फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन

जब तक प्रशासन की ओर से बनाई गई नीतियां धरातल पर नहीं लागू होंगी तब तक उद्योगपतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जीएसटी और कंप्यूटर प्रणाली के बाद उद्योगों को काफी लाभ पहुंचा है। इससे कई चीजें आसान हुई हैं। - जितेंद्र शाह, अध्यक्ष सरूरपुर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन

हम भाग्यशाली हैं कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है। एमएसएमई और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा पद्धति पर भी काम किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को शुरुआत से ही व्यापार की तकनीक भी सिखाई जानी चाहिए। - पुष्पेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष, मैन्यूफेक्चर्स एसोसिएशन फरीदाबाद

किसी उद्योग को चलाने के लिए बिजली और पानी की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। जीवन नगर में हजारों छोटे- बड़े उद्योग हैं, लेकिन पानी, बिजली, सड़क और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझना पड़ता है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - नरेश राव, महासचिव, सोहना रोड स्क्रैप मार्केट एसोसिएशन

जलभराव से मिलेगी स्थायी मुक्ति, 60 प्रतिशत काम पूरा – मेयर
अमर उजाला की ओर से मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में मेयर प्रवीण जोशी ने फरीदाबाद की सबसे बड़ी समस्या जलभराव के स्थायी समाधान का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इस दिशा में 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और आने वाले समय में शहर को जलभराव से स्थायी मुक्ति मिल जाएगी। मेयर ने कहा कि इस साल बारिश के दौरान नगर निगम टीमों ने रातभर जागकर जलभराव वाले स्थानों से पानी निकाला, ताकि लोगों को परेशानी न हो। अब इस समस्या के स्थायी समाधान पर काम अंतिम चरण में है।

उद्योगपतियों की समस्याओं का तुरंत समाधान
कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। इस पर मेयर ने आश्वासन दिया कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, पानी या अन्य समस्या होने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि वे लिखित रूप में समस्याएं दें, निगम उनका त्वरित निवारण करेगा।

आने वाली विकास परियोजनाओं का खाका
मेयर ने बताया कि आने वाले समय में फरीदाबाद में कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत होने जा रही है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ उद्योगों को बल्कि आम जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा। आज के समय में नई सड़कों और मार्गों से दिल्ली, नोएडा सहित अन्य प्रमुख इलाकों तक कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो चुकी है।

स्वच्छता को लेकर निगम की पहल
मेयर ने यह भी बताया कि फरीदाबाद को स्वच्छ बनाने की दिशा में निगम पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा खुद श्रमदान कर सफाई अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। आधुनिक मशीनों से सड़क सफाई की शुरुआत की जा रही है और हर गली-मोहल्ले को साफ-सुथरा बनाने का काम किया जा रहा है।

कई अधिकारी रहे मौजूद
कॉन्क्लेव में विशिष्ट अतिथि के रूप में निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल, सहायक आयुक्त सीजीएसटी अरविंदर सिंह और एफएमडीए एडवाइजर (रिटायर्ड चीफ टाउन प्लानर, हरियाणा) सुधीर चौहान मौजूद रहे।

उद्योगों को जोड़ने वाली टूटी सड़कें चमकेंगी, कच्ची सड़कें बनेंगी पक्की
उद्योगों के शहर फरीदाबाद में शनिवार को अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित इस कॉन्क्लेव में शहर के एमएसएमई क्षेत्र के विकास पर गहन चर्चा हुई। मंच पर पहुंचे उद्यमियों ने कहा कि शहर के बीच में बसे कारखाना बाग में सड़कों की दरकार है। बाटा फ्लाईओवर के आस-पास के औद्योगिक सेक्टर में उद्यमी उखड़ी सड़क और जाम से परेशान हैं। बाकी शहर में भी छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को जोड़ने वाली सड़कें उखड़ी हुई हैं। इस पर कॉन्क्लेव में मौजूद मेयर प्रवीण जोशी ने कहा कि उद्यमियों की सभी समस्याएं दूर करवाई जाएंगी। हर क्षेत्र के हिसाब से उद्यमी महज एक पत्र लिखकर दें।

नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खडगटा ने कॉन्क्लेव के मंच से कहा कि निगम औद्योगिक क्षेत्र व उद्योग को जोड़ने वाली हर सड़क की जिम्मेदारी लेगा। उद्योगों को जोड़ने वाली टूटी सड़कें चमकेंगी, कच्ची सड़कें बनेंगी पक्की होंगी। उद्यमी औद्योगिक क्षेत्र की जानकारी के साथ फोटो व्हॉट्सएप कर दे सकते हैं । इसी तरह कॉन्क्लेव के मंच से ज्चाइंट पुलिस कमिश्नर राजेश दुग्गल ने उद्यमियों को हर संभव स्तर पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का वादा किया। 

उद्यमियों की चर्चा से शुरू हुए कॉन्क्लेव में आईएमटी से लेकर जीवन नगर गोच्छी तक के छोटे और मझोले उद्योगों की जरूरत व स्थिति निकल कर सामने आई। बस चुके औद्योगिक क्षेत्र को नियमित किए जाने की सरकारी घोषणा पर उद्यमियों ने आभार जताया। वहीं, 1 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू करने की घोषणा अभी अधूरी है ये याद भी दिलाया। उद्योग लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जटिलता दूर करने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर जल्द उतारे जाने की मांग भी उद्यमियों की तरफ से उठाई गई। फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) के शहरी नियोजन सलाहकार सुधीर चौहान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं की योजना बनाई गई हैं। कार्यक्रम का आयोजन किआ और निंबस पोस्ट के सहयोग से किया गया, जबकि यूपी पर्यटन विभाग सह प्रायोजक रहा।

बाटा और बड़खल फ्लाईओवर के ट्रैफिक को अलग से बनेगा प्लान
नैशनल हाईवे से शहर के अंदर बसे औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख कनेक्टिविटी बड़खल और बाटा फ्लाईओवर से है। यहां पर सुबह, शाम और रात में ट्रैफिक फंसने से जाम की समस्या रहती है। नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि दोनों फ्लाईओवर का जाम खत्म करने और औद्योगिक क्षेत्र की कनेक्टिविटी सीधे देने का प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द इसे लागू किया जाएगा।

कौशल विकास और उत्पाद बेचने का प्लेटफार्म उद्यमियों ने मांगा
कॉन्क्लेव के विमर्श में उद्यमियों ने कहा कि फरीदाबाद में छोटे उद्योगों की कमी नहीं हैं। कुशल कारीगर और नवाचार से एमएसएमई क्षेत्र को अपग्रेड किए जाने की जरूरत है। युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज स्तर पर जोर दिया जाए। वहीं जो छोटे-छोटे स्टार्टअप उत्पाद बना रहे हैं उनको बेचने के लिए एक ऐसे प्लेटफार्म की जरूरत है। इससे उनको अपना उत्पाद बनाने के बाद भटकना नहीं पड़ेगा। बचने वाला समय नवाचार में लगा सकेंगे।

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