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Faridabad News: बिना फायर एनओसी के चल रहे जिले के अधिकतर होटल
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दिल्ली के होटल में आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता गहराई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं के बीच अग्निशमन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार को दिल्ली के एक होटल में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद फरीदाबाद में भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता गहरा गई है।
फरवरी माह में मुजेसर स्थित फैक्टरी में अचानक आग लगने से करीब 40 लोग घायल हुए थे और करीब 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में करीब ढाई हजार छोटे-बड़े होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत के पास फायर एनओसी नहीं है। केवल बड़े होटलों तक ही सीमित फायर एनओसी व्यवस्था के कारण छोटे होटल और गेस्ट हाउस बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं।
अधिकांश छोटे होटलों में न तो फायर सिस्टम मौजूद है और न ही अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था है। इससे किसी भी बड़ी आग की घटना में जानमाल के भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है। इसके चलते शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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दमकल विभाग भी संसाधनों की कमी से जूझ रहा
फरीदाबाद फायर विभाग के पास लगभग 25 दमकल गाड़ियां और छह फायर स्टेशन हैं, लेकिन ये मौजूदा जरूरतों के मुकाबले नाकाफी हैं। शहर में बढ़ती हाईराइज इमारतों को देखते हुए आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरणों की भारी कमी है। हाईराइज बिल्डिंगों में आग बुझाने के लिए जरूरी हाइड्रोलिक फायर टेंडर भी नहीं है। विभाग के पास मौजूद संसाधन मुख्य रूप से चार मंजिल तक की आग पर नियंत्रण के लिए ही प्रभावी माने जाते हैं।
कर्मचारियों की भारी कमी
विभाग में जहां करीब 350 कर्मियों की आवश्यकता है, वहीं वर्तमान में लगभग 115 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इससे ड्यूटी और रेस्क्यू ऑपरेशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा इंतजाम कमजोर
शहर में करीब 80 हाईराइज इमारतें हैं, जिनमें से अधिकतर में फायर सेफ्टी सिस्टम या तो खराब पड़े हैं या नियमित रूप से मेंटेन नहीं किए जाते। अनुमान के मुताबिक लगभग 90 प्रतिशत फायर सिस्टम सही हालत में नहीं हैं। इसके अलावा, कई सोसाइटियों में न तो नियमित मॉक ड्रिल कराई जाती है और न ही निवासियों को आपात स्थिति में सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है। इससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे जोखिम के बावजूद प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है। फिलहाल, शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि दिल्ली जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
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शहर में जिन कामर्शियल बिल्डिंग के संचालकों ने फायर एनओसी नहीं ली है, उनको नोटिस जारी किया जाएगा और नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पिछले महीने करीब 40 कामर्शियल बिल्डिंगों को नोटिस जारी हुए हैं। - आर कुमार, फायर ऑफिसर फरीदाबाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं के बीच अग्निशमन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार को दिल्ली के एक होटल में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद फरीदाबाद में भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता गहरा गई है।
फरवरी माह में मुजेसर स्थित फैक्टरी में अचानक आग लगने से करीब 40 लोग घायल हुए थे और करीब 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में करीब ढाई हजार छोटे-बड़े होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत के पास फायर एनओसी नहीं है। केवल बड़े होटलों तक ही सीमित फायर एनओसी व्यवस्था के कारण छोटे होटल और गेस्ट हाउस बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं।
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अधिकांश छोटे होटलों में न तो फायर सिस्टम मौजूद है और न ही अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था है। इससे किसी भी बड़ी आग की घटना में जानमाल के भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है। इसके चलते शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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दमकल विभाग भी संसाधनों की कमी से जूझ रहा
फरीदाबाद फायर विभाग के पास लगभग 25 दमकल गाड़ियां और छह फायर स्टेशन हैं, लेकिन ये मौजूदा जरूरतों के मुकाबले नाकाफी हैं। शहर में बढ़ती हाईराइज इमारतों को देखते हुए आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरणों की भारी कमी है। हाईराइज बिल्डिंगों में आग बुझाने के लिए जरूरी हाइड्रोलिक फायर टेंडर भी नहीं है। विभाग के पास मौजूद संसाधन मुख्य रूप से चार मंजिल तक की आग पर नियंत्रण के लिए ही प्रभावी माने जाते हैं।
कर्मचारियों की भारी कमी
विभाग में जहां करीब 350 कर्मियों की आवश्यकता है, वहीं वर्तमान में लगभग 115 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इससे ड्यूटी और रेस्क्यू ऑपरेशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा इंतजाम कमजोर
शहर में करीब 80 हाईराइज इमारतें हैं, जिनमें से अधिकतर में फायर सेफ्टी सिस्टम या तो खराब पड़े हैं या नियमित रूप से मेंटेन नहीं किए जाते। अनुमान के मुताबिक लगभग 90 प्रतिशत फायर सिस्टम सही हालत में नहीं हैं। इसके अलावा, कई सोसाइटियों में न तो नियमित मॉक ड्रिल कराई जाती है और न ही निवासियों को आपात स्थिति में सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है। इससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे जोखिम के बावजूद प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है। फिलहाल, शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि दिल्ली जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
शहर में जिन कामर्शियल बिल्डिंग के संचालकों ने फायर एनओसी नहीं ली है, उनको नोटिस जारी किया जाएगा और नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पिछले महीने करीब 40 कामर्शियल बिल्डिंगों को नोटिस जारी हुए हैं। - आर कुमार, फायर ऑफिसर फरीदाबाद