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Faridabad News: एक साल में 40 हजार से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले
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अक्तूबर 2025 में 2.67 लाख थी गरीबों की संख्या, इस साल घटकर 2.27 लाख रह गई
गौरव मिश्रा
फरीदाबाद। जिले में पिछले एक साल के दौरान 40 हजार से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। अक्तूबर 2025 में जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों की संख्या करीब 2.67 लाख थी, जो अक्तूबर 2026 में घटकर 2.27 लाख रह गई है। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जिले में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, प्रदेश के कुछ अन्य जिलों की तुलना में फरीदाबाद की स्थिति अभी कमजोर नजर आ रही है।
जिले में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की पहचान और राशन कार्डों की जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कार्डधारकों की पात्रता की जांच की जा रही है। जांच में जिन परिवारों की आय निर्धारित मानकों के अनुसार गरीबी रेखा से ऊपर पाई जा रही है, उनके राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में और कमी आ सकती है।
कई जिलों से बेहतर, कुछ में ज्यादा सुधार
प्रदेश के मेवात, सिरसा, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी और कैथल जैसे जिलों की तुलना में फरीदाबाद में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कमी का आंकड़ा बेहतर स्थिति दर्शाता है। वहीं, पलवल में इस साल करीब 69 प्रतिशत, भिवानी में 65 प्रतिशत और हिसार में 42 प्रतिशत लोगों के गरीबी रेखा से बाहर होने का आंकड़ा सामने आया है। इन जिलों की तुलना में फरीदाबाद में दर्ज की गई कमी कम है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में आंकड़ों में बदलाव के पीछे पात्रता जांच और सरकारी रिकॉर्ड में संशोधन की भूमिका भी हो सकती है।
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जांच पूरी होने पर और घट सकती है संख्या
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गिरीश मिश्रा ने बताया कि जिले में राशन कार्डों की जांच की जा रही है। अभी बड़ी संख्या में कार्डों की जांच होनी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ऐसे कई परिवार सामने आ सकते हैं, जो निर्धारित मानकों के अनुसार गरीबी रेखा से ऊपर आते हैं। ऐसे परिवारों के कार्ड नियमानुसार रद्द किए जाएंगे। इससे सरकारी रिकॉर्ड में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में और बदलाव होने की संभावना है।
645 से घटकर 440 रह गए राशन डिपो
राशन कार्डधारकों की संख्या में कमी का असर जिले में राशन वितरण व्यवस्था पर भी पड़ा है। वर्ष 2025 में जिले में राशन डिपो की संख्या 645 थी, जो इस साल घटकर 440 रह गई है। यानी एक साल में 205 राशन डिपो कम हुए हैं। विभागीय रिकॉर्ड में पात्र लाभार्थियों की संख्या में बदलाव के साथ राशन वितरण केंद्रों की संख्या में भी संशोधन किया गया है।
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गौरव मिश्रा
फरीदाबाद। जिले में पिछले एक साल के दौरान 40 हजार से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। अक्तूबर 2025 में जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों की संख्या करीब 2.67 लाख थी, जो अक्तूबर 2026 में घटकर 2.27 लाख रह गई है। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जिले में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, प्रदेश के कुछ अन्य जिलों की तुलना में फरीदाबाद की स्थिति अभी कमजोर नजर आ रही है।
जिले में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की पहचान और राशन कार्डों की जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कार्डधारकों की पात्रता की जांच की जा रही है। जांच में जिन परिवारों की आय निर्धारित मानकों के अनुसार गरीबी रेखा से ऊपर पाई जा रही है, उनके राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में और कमी आ सकती है।
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कई जिलों से बेहतर, कुछ में ज्यादा सुधार
प्रदेश के मेवात, सिरसा, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी और कैथल जैसे जिलों की तुलना में फरीदाबाद में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कमी का आंकड़ा बेहतर स्थिति दर्शाता है। वहीं, पलवल में इस साल करीब 69 प्रतिशत, भिवानी में 65 प्रतिशत और हिसार में 42 प्रतिशत लोगों के गरीबी रेखा से बाहर होने का आंकड़ा सामने आया है। इन जिलों की तुलना में फरीदाबाद में दर्ज की गई कमी कम है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में आंकड़ों में बदलाव के पीछे पात्रता जांच और सरकारी रिकॉर्ड में संशोधन की भूमिका भी हो सकती है।
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जांच पूरी होने पर और घट सकती है संख्या
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गिरीश मिश्रा ने बताया कि जिले में राशन कार्डों की जांच की जा रही है। अभी बड़ी संख्या में कार्डों की जांच होनी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ऐसे कई परिवार सामने आ सकते हैं, जो निर्धारित मानकों के अनुसार गरीबी रेखा से ऊपर आते हैं। ऐसे परिवारों के कार्ड नियमानुसार रद्द किए जाएंगे। इससे सरकारी रिकॉर्ड में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में और बदलाव होने की संभावना है।
645 से घटकर 440 रह गए राशन डिपो
राशन कार्डधारकों की संख्या में कमी का असर जिले में राशन वितरण व्यवस्था पर भी पड़ा है। वर्ष 2025 में जिले में राशन डिपो की संख्या 645 थी, जो इस साल घटकर 440 रह गई है। यानी एक साल में 205 राशन डिपो कम हुए हैं। विभागीय रिकॉर्ड में पात्र लाभार्थियों की संख्या में बदलाव के साथ राशन वितरण केंद्रों की संख्या में भी संशोधन किया गया है।