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Faridabad News: शहर में भी गिराए जा सकते हैं 1200 से अधिक चौथी मंजिल के फ्लैट
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वर्ष 2023 के बाद योजना के तहत बने चार मंजिला भवन पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सरकार की ओर से स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। इससे शहर में वर्ष 2023 के बाद अवैध रूप से बने चार मंजिला भवनों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। ऐसे में भवनों को ढहाने के साथ ही बिल्डर और वास्तुकारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। इससे 1200 से अधिक फ्लैट गिराये जाने का खतरा बढ़ गया है।
वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार ने रिहायशी काॅलोनियों और सेक्टरों में चार मंजिला भवन बनाने की पॉलिसी तैयार की थी। हालांकि शहरी क्षेत्र में फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने के गठबंधन सरकार के फैसले पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने दलील दी कि निर्माण का एरिया बढ़ने से काॅलोनियों में सीवेरज, पानी व बिजली की समस्या पैदा हो गई है। सरकार के फैसले के बाद सेक्टर-3, 4, 7, 8, 14, 15, 16, 21 और एनआईटी क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में तीन हजार से अधिक भवनों को निर्माण हुआ। इसके साथ ही सेक्टर व कॉलोनियों में सीवर और पेयजल की समस्या खड़ी हो गई। सेक्टर व कॉलोनियों में आए दिन सीवर की समस्या को लेकर लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं। कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने भी सरकार को फैसला वापिस लेने की मांग की। विवाद होने पर 23 फरवरी 2023 को विभाग के तत्कालीन महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने नीति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में आर्किटेक्ट्स ने ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी किए गए थे। मंगलवार को सरकार ने चौथी मंजिल पर बने अवैध निर्माण ढहाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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करोड़ों में बिके भवन
शहर में वर्ष 2023 के बाद भी बिल्डरों की ओर से बिना रोकटोक चार मंजिला भवन बनाए गए। एनआईटी एक, तीन, पांच में ऐसे सैकड़ों मकान हैं, जिनमें बिल्डरों ने पार्किंग तक मकान बनाकर बेच दिए। यहां एक-एक फ्लैट की कीमत एक से डेढ़ करोड़ रुपये है। अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश के बाद जिन लोगों ने चौथी मंजिल पर फ्लैट खरीदे उन्हें अब घर टूटने का डर सताने लगा है। आदेश के बाद दिन भर लोग बिल्डरों के कार्यालयों के चक्कर काटते दिखे। साथ ही कानूनी राय भी ले रहे हैं।
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सरकार के आदेशों की स्टडी की जा रही है। जल्द सर्वे कराया जाएगा कि वर्ष 2023 के बाद बिना मंजूरी के कितने चार मंजिला भवन बने हैं। उसके बाद ढहाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- अमित मधोलिया, जिला नगर योजनाकार, एचएसवीपी
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लोगों से बातचीत
ये फैसला पूरे शहर पर लागू करना गलत है। पुराने सेक्टर व कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण इसे रोक सकते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद नए सिरे से विकसित क्षेत्र है। कई नए सेक्टर भी कटे हैं। वहां भी रोक लगाने का आदेश निहायत गलत है। - आशीष गुप्ता, रियल एस्टेट एक्सपर्ट
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सरकार का यह तुगलकी फरमान है, जिसने रजिस्ट्री की और कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिए। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- सतवीर शर्मा, संचालक, दीप प्रॉपर्टी
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जिन फ्लैटों को बिल्डर ने सरकार से नक्शा पास करके बनवाया वह अवैध नहीं है। इसके अलावा जिन्होंने बिना नक्शा पास कर भवन बनाए उन्हें भी अब तोड़ना उचित नहीं है। उनसे अतिरिक्त फीस लेकर मंजूरी देनी चाहिए। - आकाश गुप्ता, प्रधान, फरीदाबाद रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन
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सरकार का फैसला बिल्कुल सही है। इससे बहुमंजिला भवन निर्माण पर रोक लगेगी, क्योंकि इनके बनने से नागरिकों को मूलभूत सेवाएं सीवर, पानी आपूर्ति, बिजली, पार्किग इत्यादि के लिए बहुत परेशान होना पड़ रहा था। - एनके गर्ग, चेयरमैन, कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सरकार की ओर से स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। इससे शहर में वर्ष 2023 के बाद अवैध रूप से बने चार मंजिला भवनों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। ऐसे में भवनों को ढहाने के साथ ही बिल्डर और वास्तुकारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। इससे 1200 से अधिक फ्लैट गिराये जाने का खतरा बढ़ गया है।
वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार ने रिहायशी काॅलोनियों और सेक्टरों में चार मंजिला भवन बनाने की पॉलिसी तैयार की थी। हालांकि शहरी क्षेत्र में फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने के गठबंधन सरकार के फैसले पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने दलील दी कि निर्माण का एरिया बढ़ने से काॅलोनियों में सीवेरज, पानी व बिजली की समस्या पैदा हो गई है। सरकार के फैसले के बाद सेक्टर-3, 4, 7, 8, 14, 15, 16, 21 और एनआईटी क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में तीन हजार से अधिक भवनों को निर्माण हुआ। इसके साथ ही सेक्टर व कॉलोनियों में सीवर और पेयजल की समस्या खड़ी हो गई। सेक्टर व कॉलोनियों में आए दिन सीवर की समस्या को लेकर लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं। कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने भी सरकार को फैसला वापिस लेने की मांग की। विवाद होने पर 23 फरवरी 2023 को विभाग के तत्कालीन महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने नीति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में आर्किटेक्ट्स ने ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी किए गए थे। मंगलवार को सरकार ने चौथी मंजिल पर बने अवैध निर्माण ढहाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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करोड़ों में बिके भवन
शहर में वर्ष 2023 के बाद भी बिल्डरों की ओर से बिना रोकटोक चार मंजिला भवन बनाए गए। एनआईटी एक, तीन, पांच में ऐसे सैकड़ों मकान हैं, जिनमें बिल्डरों ने पार्किंग तक मकान बनाकर बेच दिए। यहां एक-एक फ्लैट की कीमत एक से डेढ़ करोड़ रुपये है। अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश के बाद जिन लोगों ने चौथी मंजिल पर फ्लैट खरीदे उन्हें अब घर टूटने का डर सताने लगा है। आदेश के बाद दिन भर लोग बिल्डरों के कार्यालयों के चक्कर काटते दिखे। साथ ही कानूनी राय भी ले रहे हैं।
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सरकार के आदेशों की स्टडी की जा रही है। जल्द सर्वे कराया जाएगा कि वर्ष 2023 के बाद बिना मंजूरी के कितने चार मंजिला भवन बने हैं। उसके बाद ढहाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- अमित मधोलिया, जिला नगर योजनाकार, एचएसवीपी
लोगों से बातचीत
ये फैसला पूरे शहर पर लागू करना गलत है। पुराने सेक्टर व कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण इसे रोक सकते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद नए सिरे से विकसित क्षेत्र है। कई नए सेक्टर भी कटे हैं। वहां भी रोक लगाने का आदेश निहायत गलत है। - आशीष गुप्ता, रियल एस्टेट एक्सपर्ट
सरकार का यह तुगलकी फरमान है, जिसने रजिस्ट्री की और कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिए। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- सतवीर शर्मा, संचालक, दीप प्रॉपर्टी
जिन फ्लैटों को बिल्डर ने सरकार से नक्शा पास करके बनवाया वह अवैध नहीं है। इसके अलावा जिन्होंने बिना नक्शा पास कर भवन बनाए उन्हें भी अब तोड़ना उचित नहीं है। उनसे अतिरिक्त फीस लेकर मंजूरी देनी चाहिए। - आकाश गुप्ता, प्रधान, फरीदाबाद रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन
सरकार का फैसला बिल्कुल सही है। इससे बहुमंजिला भवन निर्माण पर रोक लगेगी, क्योंकि इनके बनने से नागरिकों को मूलभूत सेवाएं सीवर, पानी आपूर्ति, बिजली, पार्किग इत्यादि के लिए बहुत परेशान होना पड़ रहा था। - एनके गर्ग, चेयरमैन, कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए