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जांच अधिकारी एसआई श्रीराम निलंबित
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फरीदाबाद। थाना खेड़ीपुल क्षेत्र अंतर्गत एक कॉलोनी में रहने वाली किशोरी की हत्या कर शव को गांव कबूलपुर खादर स्थित यमुना किनारे दफनाने के मामले में पुलिस आयुक्त केके राव ने जांच अधिकारी एसआई श्रीराम को निलंबित कर दिया है। किशोरी के परिजनों ने जांच अधिकारी पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए थे। नहर पार कॉलोनी में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी 30 अगस्त को लापता हो गई थी।
पिता के अनुसार, वह घर से दिन में करीब 12.15 बजे सामान लेने के लिए निकली थी और उसके बाद लौट कर नहीं आई। किशोरी के पिता की शिकायत पर खेड़ीपुल पुलिस ने उसके अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में किशोरी के परिजनों ने ही वसीम नाम के आरोपी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बच्ची की हत्या कर शव को यमुना किनारे दफनाने का राज उगल दिया। हत्या का मुख्य आरोपी प्रदीप और उसके साथ वसीम व अमर सिंह भी शामिल थे।
11 सितंबर को शव मिलने पर किशोरी के पिता ने आरोप लगाया था कि पिछले 11 दिन से वह थाने के चक्कर लगा-लगाकर थक गए थे, मगर जांच अधिकारी एसआई श्रीराम ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तिगांव से कांग्रेस विधायक ललित नागर ने भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था और खेड़ीपुल थाना प्रभारी व जांच अधिकारी को निलंबित करने की मांग की थी।
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मामले का खुलासा होने के बाद अमर उजाला ने 11 सितंबर के अंक में किशोरी के पिता की बात को ‘मैं गुहार लगाता रहा, पुलिस दुत्कारती रही’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त केके राव ने खेड़ीपुल थाने में तैनात उपनिरीक्षक श्रीराम को निलंबित करने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार शाम उनके निलंबन के आदेश जारी हो गए थे।
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पिता के अनुसार, वह घर से दिन में करीब 12.15 बजे सामान लेने के लिए निकली थी और उसके बाद लौट कर नहीं आई। किशोरी के पिता की शिकायत पर खेड़ीपुल पुलिस ने उसके अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में किशोरी के परिजनों ने ही वसीम नाम के आरोपी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बच्ची की हत्या कर शव को यमुना किनारे दफनाने का राज उगल दिया। हत्या का मुख्य आरोपी प्रदीप और उसके साथ वसीम व अमर सिंह भी शामिल थे।
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11 सितंबर को शव मिलने पर किशोरी के पिता ने आरोप लगाया था कि पिछले 11 दिन से वह थाने के चक्कर लगा-लगाकर थक गए थे, मगर जांच अधिकारी एसआई श्रीराम ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तिगांव से कांग्रेस विधायक ललित नागर ने भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था और खेड़ीपुल थाना प्रभारी व जांच अधिकारी को निलंबित करने की मांग की थी।
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मामले का खुलासा होने के बाद अमर उजाला ने 11 सितंबर के अंक में किशोरी के पिता की बात को ‘मैं गुहार लगाता रहा, पुलिस दुत्कारती रही’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त केके राव ने खेड़ीपुल थाने में तैनात उपनिरीक्षक श्रीराम को निलंबित करने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार शाम उनके निलंबन के आदेश जारी हो गए थे।