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Faridabad News: 14 करोड़ रुपये से मास्टर सीवर लाइनों को किया जाएगा दुरुस्त
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ग्रेटर फरीदाबाद से पुराने सेक्टरों तक सफाई और निगरानी की बड़ी योजना, सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बार-बार होने वाले सीवर ओवरफ्लो, बदबू और बारिश के दौरान गंदे पानी के भराव की समस्या को खत्म करने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने मास्टर सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की बड़ी योजना तैयार की है। करीब 14.07 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस योजना में पुराने शहर की मास्टर ड्रेनेज लाइनों की सफाई के साथ-साथ ग्रेटर फरीदाबाद की मुख्य सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग, जांच और लंबे समय तक रखरखाव का काम कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार यह काम केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहली बार सीवर लाइनों की अंदरूनी स्थिति जानने के लिए सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा और जिन लाइनों में गड़बड़ी मिलेगी उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून से पहले मुख्य सीवरेज सिस्टम को पूरी क्षमता से चालू कर दिया जाए ताकि शहर में गंदे पानी के भराव की समस्या कम हो सके।
सफाई से सुधरेगा सीवरेज सिस्टम
शहर के सेक्टर 4 से सेक्टर 37 तक का इलाका सबसे पुराना और घनी आबादी वाला है। यहां की मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन कई जगहों पर गाद से भर चुकी है जिसका असर सीवर निकासी पर भी पड़ता है।
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एफएमडीए ने इस हिस्से की मास्टर ड्रेनेज लाइन की सफाई और मरम्मत के लिए 5.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मशीनों से डी-सिल्टिंग कर ड्रेनेज क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि बारिश के समय सीवर लाइनों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुख्य ड्रेनेज लाइनें साफ नहीं होंगी, तब तक शहर के अंदरूनी इलाकों का सीवरेज सिस्टम भी सही तरीके से काम नहीं कर पाएगा।
पांच साल तक करना होगा रखरखाव
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 78 से 89 के बीच बनी मास्टर सीवर लाइन शहर की सबसे बड़ी सीवरेज लाइनों में शामिल है लेकिन कई जगह इनमें सिल्ट भरने से पानी की निकासी धीमी हो गई है। इस समस्या को दूर करने के लिए 8.77 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत 700 एमएम से लेकर 1800 एमएम तक की बड़ी सीवर लाइनों की मशीनों से सफाई कराई जाएगी। परियोजना की खास बात यह है कि एजेंसी को पांच साल तक इन लाइनों का संचालन और रखरखाव करना होगा। इससे बार-बार खराब होने की समस्या कम होगी और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सकेगा।
सीसीटीवी सर्वे से पता चलेगी सीवर लाइन की असली हालत
इस बार सफाई के बाद मास्टर सीवर लाइनों का सीसीटीवी कैमरों से सर्वे किया जाएगा। पैन-टिल्ट और 360 डिग्री कैमरों के जरिए पाइप के अंदर की रिकॉर्डिंग होगी जिससे यह पता चलेगा कि लाइन पूरी तरह साफ है या कहीं टूट-फूट या जाम की समस्या है। कई जगह दब चुके मैनहोल और बंद चैंबर को खोजने के लिए मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे काम की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सकेगी।
ओवरफ्लो और बदबू से परेशान हैं लोग
फरीदाबाद के कई सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। ग्रेटर फरीदाबाद में नई कॉलोनियों के बसने के बाद सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ गया है, जबकि पुराने शहर में लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं जब सीवर का पानी सड़कों पर आ जाता है और लोगों को बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। कई बार स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में भी परेशानी होती है।
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। - समुद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बार-बार होने वाले सीवर ओवरफ्लो, बदबू और बारिश के दौरान गंदे पानी के भराव की समस्या को खत्म करने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने मास्टर सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की बड़ी योजना तैयार की है। करीब 14.07 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस योजना में पुराने शहर की मास्टर ड्रेनेज लाइनों की सफाई के साथ-साथ ग्रेटर फरीदाबाद की मुख्य सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग, जांच और लंबे समय तक रखरखाव का काम कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार यह काम केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहली बार सीवर लाइनों की अंदरूनी स्थिति जानने के लिए सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा और जिन लाइनों में गड़बड़ी मिलेगी उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून से पहले मुख्य सीवरेज सिस्टम को पूरी क्षमता से चालू कर दिया जाए ताकि शहर में गंदे पानी के भराव की समस्या कम हो सके।
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सफाई से सुधरेगा सीवरेज सिस्टम
शहर के सेक्टर 4 से सेक्टर 37 तक का इलाका सबसे पुराना और घनी आबादी वाला है। यहां की मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन कई जगहों पर गाद से भर चुकी है जिसका असर सीवर निकासी पर भी पड़ता है।
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एफएमडीए ने इस हिस्से की मास्टर ड्रेनेज लाइन की सफाई और मरम्मत के लिए 5.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मशीनों से डी-सिल्टिंग कर ड्रेनेज क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि बारिश के समय सीवर लाइनों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुख्य ड्रेनेज लाइनें साफ नहीं होंगी, तब तक शहर के अंदरूनी इलाकों का सीवरेज सिस्टम भी सही तरीके से काम नहीं कर पाएगा।
पांच साल तक करना होगा रखरखाव
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 78 से 89 के बीच बनी मास्टर सीवर लाइन शहर की सबसे बड़ी सीवरेज लाइनों में शामिल है लेकिन कई जगह इनमें सिल्ट भरने से पानी की निकासी धीमी हो गई है। इस समस्या को दूर करने के लिए 8.77 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत 700 एमएम से लेकर 1800 एमएम तक की बड़ी सीवर लाइनों की मशीनों से सफाई कराई जाएगी। परियोजना की खास बात यह है कि एजेंसी को पांच साल तक इन लाइनों का संचालन और रखरखाव करना होगा। इससे बार-बार खराब होने की समस्या कम होगी और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सकेगा।
सीसीटीवी सर्वे से पता चलेगी सीवर लाइन की असली हालत
इस बार सफाई के बाद मास्टर सीवर लाइनों का सीसीटीवी कैमरों से सर्वे किया जाएगा। पैन-टिल्ट और 360 डिग्री कैमरों के जरिए पाइप के अंदर की रिकॉर्डिंग होगी जिससे यह पता चलेगा कि लाइन पूरी तरह साफ है या कहीं टूट-फूट या जाम की समस्या है। कई जगह दब चुके मैनहोल और बंद चैंबर को खोजने के लिए मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे काम की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सकेगी।
ओवरफ्लो और बदबू से परेशान हैं लोग
फरीदाबाद के कई सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। ग्रेटर फरीदाबाद में नई कॉलोनियों के बसने के बाद सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ गया है, जबकि पुराने शहर में लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं जब सीवर का पानी सड़कों पर आ जाता है और लोगों को बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। कई बार स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में भी परेशानी होती है।
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। - समुद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए