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Faridabad News: जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार
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पांच एमएम प्रति घंटे की बारिश में भी नहीं डूबेगा शहर
पहले चरण में तीन जोन की नालियों, पंपिंग स्टेशनों और मशीनरी को किया जाएगा अपग्रेड,
राहुल राज
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में हल्की बारिश होते ही तालाब बनीं सड़कों और जाम से जूझते शहरवासियों को अगले मानसून में राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। योजना के तहत ड्रेनेज सिस्टम को इस तरह अपग्रेड किया जाएगा कि एक घंटे में पांच मिलीमीटर बारिश होने पर भी मुख्य सड़कों पर जलभराव न हो। पहले चरण में तीन जोन में काम किया जाएगा। इस योजना पर एफएमडीए करीब 70 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
हर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझने वाले फरीदाबाद को राहत देने और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए एफएमडीए काफी समय से योजना तैयार कर रहा था। अब एफएमडीए ने व्यवस्था सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार कराया है। इसके तहत शहर को सात जोन में बांटकर जलनिकासी व्यवस्था का आकलन किया गया है। पहले चरण में तीन जोन को शामिल किया जाएगा। योजना में नालों और ड्रेनेज लाइनों की मरम्मत के साथ पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी को अपग्रेड करने का काम होगा। जहां पानी की निकासी के लिए पर्याप्त लाइन नहीं है, वहां नई लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार संप वेल और सरफेस ड्रेन भी बनाए जाएंगे। इससे बारिश का पानी तेजी से निकाला जा सके।
एनआईटी से बल्लभगढ़ तक सुधरेगी व्यवस्था-
योजना के तहत सेक्टर-15, 16 और 17, एनआईटी, बड़खल, सेक्टर-4 से 37 तक के क्षेत्रों, पल्ला, सेक्टर-28 और 29, बल्लभगढ़ तथा तिगांव सहित विभिन्न इलाकों की जलनिकासी व्यवस्था पर काम किया जाएगा। सेक्टर-4 से सेक्टर-37 और एनएचपीसी से सोहना रोड तक ड्रेनेज लाइनों को दुरुस्त करने की भी योजना है। इन क्षेत्रों में नालों, पंपिंग व्यवस्था और निकासी नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने से बारिश के दौरान पानी की निकासी में तेजी आएगी।
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2.5 एमएम प्रति घंटे की बारिश झेलने की है क्षमता-
शहर का मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम औसतन 2.5 मिलीमीटर प्रति घंटे की बारिश के हिसाब से पानी निकाल पाता है। तेज बारिश होने पर एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-21, सेक्टर-22, बाईपास रोड और औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। नई योजना में ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता बढ़ाकर पांच मिलीमीटर प्रति घंटे की बारिश का पानी निकालने का लक्ष्य रखा गया है। योजना लागू होने के बाद मुख्य सड़कों पर जलभराव की समस्या में 70 से 80 फीसदी तक कमी आएगी।
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वर्जन-
पहले चरण में तीन जोन में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत जरूरत के अनुसार नई ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी और कई स्थानों पर संपवेल बनाए जाएंगे।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
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पहले चरण में तीन जोन की नालियों, पंपिंग स्टेशनों और मशीनरी को किया जाएगा अपग्रेड,
राहुल राज
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में हल्की बारिश होते ही तालाब बनीं सड़कों और जाम से जूझते शहरवासियों को अगले मानसून में राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। योजना के तहत ड्रेनेज सिस्टम को इस तरह अपग्रेड किया जाएगा कि एक घंटे में पांच मिलीमीटर बारिश होने पर भी मुख्य सड़कों पर जलभराव न हो। पहले चरण में तीन जोन में काम किया जाएगा। इस योजना पर एफएमडीए करीब 70 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
हर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझने वाले फरीदाबाद को राहत देने और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए एफएमडीए काफी समय से योजना तैयार कर रहा था। अब एफएमडीए ने व्यवस्था सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार कराया है। इसके तहत शहर को सात जोन में बांटकर जलनिकासी व्यवस्था का आकलन किया गया है। पहले चरण में तीन जोन को शामिल किया जाएगा। योजना में नालों और ड्रेनेज लाइनों की मरम्मत के साथ पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी को अपग्रेड करने का काम होगा। जहां पानी की निकासी के लिए पर्याप्त लाइन नहीं है, वहां नई लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार संप वेल और सरफेस ड्रेन भी बनाए जाएंगे। इससे बारिश का पानी तेजी से निकाला जा सके।
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एनआईटी से बल्लभगढ़ तक सुधरेगी व्यवस्था-
योजना के तहत सेक्टर-15, 16 और 17, एनआईटी, बड़खल, सेक्टर-4 से 37 तक के क्षेत्रों, पल्ला, सेक्टर-28 और 29, बल्लभगढ़ तथा तिगांव सहित विभिन्न इलाकों की जलनिकासी व्यवस्था पर काम किया जाएगा। सेक्टर-4 से सेक्टर-37 और एनएचपीसी से सोहना रोड तक ड्रेनेज लाइनों को दुरुस्त करने की भी योजना है। इन क्षेत्रों में नालों, पंपिंग व्यवस्था और निकासी नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने से बारिश के दौरान पानी की निकासी में तेजी आएगी।
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2.5 एमएम प्रति घंटे की बारिश झेलने की है क्षमता-
शहर का मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम औसतन 2.5 मिलीमीटर प्रति घंटे की बारिश के हिसाब से पानी निकाल पाता है। तेज बारिश होने पर एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-21, सेक्टर-22, बाईपास रोड और औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। नई योजना में ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता बढ़ाकर पांच मिलीमीटर प्रति घंटे की बारिश का पानी निकालने का लक्ष्य रखा गया है। योजना लागू होने के बाद मुख्य सड़कों पर जलभराव की समस्या में 70 से 80 फीसदी तक कमी आएगी।
वर्जन-
पहले चरण में तीन जोन में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत जरूरत के अनुसार नई ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी और कई स्थानों पर संपवेल बनाए जाएंगे।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए