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खेल नर्सरियों के अब अंक होंगे निर्धारित
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फरीदाबाद। प्रदेश सरकार ने विभिन्न जिलों में खेल नर्सरियों को शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके बाद खेल नर्सियों में मौजूद सामान, उपस्थिति और उपलब्धियों के आधार पर अंक निर्धारित किए जाएंगे। इसमें खेल का सामान और मैदान ठीक होने पर 10 अंक दिए जाएंगे। वहीं खेल नर्सरियों में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की प्रत्येक महीने उपस्थिति 22 दिन या उससे ज्यादा होने पर 10 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले को 10 नंबर, राष्ट्रीय स्तर पर आठ नंबर और राज्य स्तर पर 4 नंबर दिए जाएंगे।
प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने के लिए दूसरी बार खेल नर्सरियों शुरू की गई हैं। करीब तीन वर्ष पहले खेल विभाग की ओर से शुरू की गईं खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया था। विभाग के पूर्व उप खेल निदेशक अशोक सैनी का कहना है कि इस खेल नर्सरियों के प्रति खिलाड़ियों का रुझान कम था। इसके कारण जिले के खेल नर्सरियों से कोई भी बेहतरीन खिलाड़ी तैयार नहीं हो सकें। जबकि प्रत्येक महीने खेल नर्सरियां में रहने वाले खिलाड़ियों को बैंक खाते के माध्यम से पैसे पहुंच जाते थे। बेहतर परिणाम नहीं आने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। सरकार ने अब दोबारा प्रदेश में 1100 खेल नर्सरियों को शुुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें से छह सौ खेल नर्सरियां निजी स्कूल और संस्थान में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए खेल निदेशालय की ओर से आवेदन करने वाले खेल नर्सरियों के आवेदन के आधार पर ग्रेड तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है। इसके आधार पर विभाग की ओर से खेल नर्सरियों को आवंटित किया जाएगा। मालूम हो कि खेल नर्सरी को शुरू होने के बाद खेल विभाग 30 अंक निर्धारित करेंगे।
वर्जन -
खेल नर्सरियों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि नर्सरी के माध्यम से बेहतर खिलाड़ी तैयार हो सकें। जिले में करीब 50 खेल नर्सरियां शुरू हो सकती हैं।
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- अनिता भाटी, जिला खेल अधिकारी
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प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने के लिए दूसरी बार खेल नर्सरियों शुरू की गई हैं। करीब तीन वर्ष पहले खेल विभाग की ओर से शुरू की गईं खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया था। विभाग के पूर्व उप खेल निदेशक अशोक सैनी का कहना है कि इस खेल नर्सरियों के प्रति खिलाड़ियों का रुझान कम था। इसके कारण जिले के खेल नर्सरियों से कोई भी बेहतरीन खिलाड़ी तैयार नहीं हो सकें। जबकि प्रत्येक महीने खेल नर्सरियां में रहने वाले खिलाड़ियों को बैंक खाते के माध्यम से पैसे पहुंच जाते थे। बेहतर परिणाम नहीं आने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। सरकार ने अब दोबारा प्रदेश में 1100 खेल नर्सरियों को शुुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें से छह सौ खेल नर्सरियां निजी स्कूल और संस्थान में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए खेल निदेशालय की ओर से आवेदन करने वाले खेल नर्सरियों के आवेदन के आधार पर ग्रेड तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है। इसके आधार पर विभाग की ओर से खेल नर्सरियों को आवंटित किया जाएगा। मालूम हो कि खेल नर्सरी को शुरू होने के बाद खेल विभाग 30 अंक निर्धारित करेंगे।
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खेल नर्सरियों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि नर्सरी के माध्यम से बेहतर खिलाड़ी तैयार हो सकें। जिले में करीब 50 खेल नर्सरियां शुरू हो सकती हैं।
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- अनिता भाटी, जिला खेल अधिकारी