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Faridabad News: मंझावली पुल की सड़क एक महीने में ही बदहाल, उठे सवाल

Sat, 22 Feb 2025 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 11:00 PM IST
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Manjhawali bridge road deteriorated within a month, questions raised
अभी तक पूरी नहीं हुई है परियोजना, स्थानीय विधायक और राज्य मंत्री ने 26 जनवरी तक कार्य पूरा करने का किया था दावा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना नदी पर बन रहे मंझावली पुल से संबद्ध सड़क को बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि वह जगह-जगह से टूटने लगी है। फरीदाबाद को यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले से जोड़ने के लिए यह मंझावली पुल और सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क पर गड्ढे बनने और डामर उखड़ने से स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। लोग इसको बनाने वाली एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मंझावली पुल हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के बीच आवागमन सुगम बनाने के लिए बनाया गया है। मंझावली पुल की कई वर्षों से लंबित परियोजना है। यह पुल बनने से फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच की दूरी कम हो जाएगी। फरीदाबाद के मंझावली गांव पर यमुना नदी पर यह पुल बना है। 2023 में यह पुल बनकर तैयार हो गया था। इसमें पुल से संबंधित लगभग 20 किलोमीटर की रोड बननी थी। मंझावली पुल तक तो रोड अभी एक माह पूर्व ही बनकर तैयार हुई है। हालांकि, यमुना पुल के दूसरी तरफ 500 मीटर रोड का कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। इसका कार्य 26 जनवरी तक पूरा करने का दावा किया गया था लेकिन यह भी कार्य नहीं हो पाया। पुल के दूसरी तरफ इस रोड को यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जोड़ा जाना है। हालांकि, उत्तर प्रदेश की ओर से अभी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
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अब कुछ समय पहले ही बनी सड़क कुछ स्थानों पर टूटने से स्थानीय लोगों में रोष है। सड़क की स्थिति ने इस परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हर बार यही कहा जाता है कि जांच होगी और सड़क की मरम्मत कराई जाएगी, लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं बदला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उच्च अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं, तो विभाग के कुछ कर्मचारी पहले से ही सतर्क हो जाते हैं और सड़क के गड्ढों को छुपाने का काम शुरू कर देते हैं। मिट्टी डालकर या अस्थायी मरम्मत कर दिखाने की कोशिश की जाती है कि सड़क सही हालत में है। इसके बाद जब अधिकारी लौट जाते हैं, तो सड़क दोबारा खराब हो जाती है।
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वर्षों के इंतजार के बाद भी नहीं मिली गुणवत्ता
हमने वर्षों तक इंतजार किया कि यह पुल और सड़क बने ताकि हमें फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा आने-जाने में आसानी हो। जब सड़क बनी, तो हमें लगा कि अब हमारी परेशानी खत्म हो गई, लेकिन यह तो चंद दिनों में ही उखड़ने लगी। अगर इतनी जल्दी सड़क खराब हो गई, तो आने वाले दिनों में इसकी हालत और खराब हो जाएगी।- हरनारायण सिंह, निवासी मंझावली गांव
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हमारे खेत इसी सड़क के किनारे हैं। जब यह बनी थी, तब हमें उम्मीद थी कि अब हमें बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। लेकिन अब हालत देखिए, रोड पर कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। शासन-प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, वरना जल्द ही यह रोड खराब हो जाएगी। - मुकेश यादव, किसान

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सड़क की मरम्मत का आदेश जारी

इस मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक्सईएन प्रकाश लाल ने कहा, किया हमें सड़क की खराब हालत की जानकारी मिली है और हमने इसे संज्ञान में लिया है। जहां भी सड़क में टूट-फूट हो रही है, उसकी मरम्मत कराई जाएगी। निर्माण कार्य के नियमों के अनुसार, सड़क की जिम्मेदारी चार साल तक ठेकेदार एजेंसी की होती है। इसलिए इस मामले में ठेकेदार को ही इसे ठीक करना होगा। हमने उसे तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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