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मौसम : तापमान में आई गिरावट से बढ़ी ठंड
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फरीदाबाद ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते कामगार ।
- फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। बारिश और उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर जारी है। हवा चलने से शहर के तापमान में गिरावट आई है। ठंड बढ़ने के कारण पारा दिनोंदिन गिरता जा रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को तापमान और गिरने की संभावना है। सुबह के समय कोहरा होने के कारण वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। वहीं बच्चे बच्चे और बुजुर्ग दिनभर घरों में दुबके रहे। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सेक्टर-17 चौक लोग अलाव में हाथ सेंकते नजर आए।
सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़क कर 12 से 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले एक सप्ताह तक ठंड कम होने के आसार नहीं हैं। शाम को धुंध छा जाने से मौसम में और ठंडक बढ़ेगी। धूप न निकलने के कारण बाजारों व पार्कों से रौनक गायब हो गई है।
बच्चों का रखें खास ध्यान
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने कहा कि दो दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बच्चे निमोनिया, खांसी और बुखार की चपेट में आने लगे हैं। अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। कोहरे के कारण दमा के मरीजों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए दमा के मरीजों को प्रदूषण व भीड़ भाड़े वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए।
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने कहा कि ठंड में छोटे बच्चों को घर से बाहर न भेजें। यदि जरूरी है तो उन्हें गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर निकालें। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। पानी उबालकर पिलाएं। कमरे में अंगीठी या अलावा आदि जलाकर न सोए, कमरा पूरी तरह बंद न करें, रोशनदान खोलकर सोएं, ताकि हवा का आवागमन होता रहे। हवा का आवागमन नहीं होने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
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सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़क कर 12 से 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले एक सप्ताह तक ठंड कम होने के आसार नहीं हैं। शाम को धुंध छा जाने से मौसम में और ठंडक बढ़ेगी। धूप न निकलने के कारण बाजारों व पार्कों से रौनक गायब हो गई है।
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बच्चों का रखें खास ध्यान
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने कहा कि दो दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बच्चे निमोनिया, खांसी और बुखार की चपेट में आने लगे हैं। अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। कोहरे के कारण दमा के मरीजों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए दमा के मरीजों को प्रदूषण व भीड़ भाड़े वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए।
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने कहा कि ठंड में छोटे बच्चों को घर से बाहर न भेजें। यदि जरूरी है तो उन्हें गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर निकालें। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। पानी उबालकर पिलाएं। कमरे में अंगीठी या अलावा आदि जलाकर न सोए, कमरा पूरी तरह बंद न करें, रोशनदान खोलकर सोएं, ताकि हवा का आवागमन होता रहे। हवा का आवागमन नहीं होने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।