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Faridabad News: लीचेट जमीन में नहीं रिसेगा, कचरा प्रसंस्करण स्थल पर बिछाई जाएगी शीट
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चार एकड़ जमीन पर होगा निर्माण, लीचेट एकत्र करने के लिए पाइपलाइन, ड्रेन और आरसीसी टैंक भी बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कचरे के ढेर से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में रिसकर मिट्टी और भूजल को प्रदूषित न करे, इसके लिए नगर निगम ने योजना तैयार की है। योजना के तहत मुजेड़ी में ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर चार एकड़ जमीन में एचडीपीई लाइनर बेड बिछाया जाएगा। इस परियोजना पर नगर निगम करीब दो करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस परियोजना के तहत कचरे से निकलने वाले गंदे पानी (लीचेट) को एकत्र करने के लिए पाइपलाइन, किनारों पर ड्रेन और आरसीसी टैंक का निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना को पूरा करने के लिए 180 दिन की समयसीमा तय की गई है।
गौरतलब है कि बारिश के दौरान कचरे में मौजूद गंदगी पानी के साथ मिलकर जमीन में रिस जाती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ भूजल प्रदूषित होता है। आसपास रहने वाले लोगों की सेहत और पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए निगम ने लाइनर बेड बिछाने की योजना तैयार की है।
1.5 मिलीमीटर मोटी शीट बिछाई जाएगी-
परियोजना के तहत जमीन पर 1.5 मिलीमीटर मोटाई की एचडीपीई लाइनर शीट बिछाई जाएगी। इसके किनारों पर एंकर ट्रेंच बनाई जाएगी, ताकि शीट अपनी जगह पर मजबूती से टिकी रहे। लाइनर कचरे और प्राकृतिक जमीन के बीच अवरोध का काम करेगा। इसके साथ बनाई जाने वाली पाइपलाइन और परिधीय ड्रेन से लीचेट को एकत्र करने में मदद मिलेगी। दूषित पानी को जमा करने के लिए आरसीसी टैंक भी बनाया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कचरे के ढेर से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में रिसकर मिट्टी और भूजल को प्रदूषित न करे, इसके लिए नगर निगम ने योजना तैयार की है। योजना के तहत मुजेड़ी में ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर चार एकड़ जमीन में एचडीपीई लाइनर बेड बिछाया जाएगा। इस परियोजना पर नगर निगम करीब दो करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस परियोजना के तहत कचरे से निकलने वाले गंदे पानी (लीचेट) को एकत्र करने के लिए पाइपलाइन, किनारों पर ड्रेन और आरसीसी टैंक का निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना को पूरा करने के लिए 180 दिन की समयसीमा तय की गई है।
गौरतलब है कि बारिश के दौरान कचरे में मौजूद गंदगी पानी के साथ मिलकर जमीन में रिस जाती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ भूजल प्रदूषित होता है। आसपास रहने वाले लोगों की सेहत और पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए निगम ने लाइनर बेड बिछाने की योजना तैयार की है।
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1.5 मिलीमीटर मोटी शीट बिछाई जाएगी-
परियोजना के तहत जमीन पर 1.5 मिलीमीटर मोटाई की एचडीपीई लाइनर शीट बिछाई जाएगी। इसके किनारों पर एंकर ट्रेंच बनाई जाएगी, ताकि शीट अपनी जगह पर मजबूती से टिकी रहे। लाइनर कचरे और प्राकृतिक जमीन के बीच अवरोध का काम करेगा। इसके साथ बनाई जाने वाली पाइपलाइन और परिधीय ड्रेन से लीचेट को एकत्र करने में मदद मिलेगी। दूषित पानी को जमा करने के लिए आरसीसी टैंक भी बनाया जाएगा।
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