{"_id":"6a6a4893578f5e2aff061fbc","slug":"lawyers-boycotted-judicial-work-in-protest-against-the-ladcs-scheme-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-76134-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: एलएडीसीएस योजना के विरोध में वकीलों ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: एलएडीसीएस योजना के विरोध में वकीलों ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार
विज्ञापन
अदालतों में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) योजना के विरोध में बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल के चलते अदालतों में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई और तारीख पर पहुंचे पक्षकारों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा। कई मामलों में अदालतों ने नई तारीखें निर्धारित की।
एलएडीसीएस योजना के तहत सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर वेतनभोगी वकीलों की नियुक्ति कर रही है। इन वकीलों के माध्यम से उन लोगों का पक्ष रखा जाएगा, जो निजी वकील करने में सक्षम नहीं हैं। पहले ऐसे मामलों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल में शामिल निजी अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाता था।
अधिवक्ता जोगिंदर नरवत ने कहा कि इस व्यवस्था से निजी वकीलों, विशेषकर नए और युवा अधिवक्ताओं के काम पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उनका कहना है कि कानूनी सहायता से जुड़े मुकदमे अब पैनल के वकीलों के बजाय सरकारी नियुक्त अधिवक्ताओं के पास चले जाएंगे। जिससे युवा वकीलों के लिए अवसर कम हो जाएगा। इसी मांग को लेकर वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने सरकार से एलएडीसीएस योजना पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की है। हड़ताल के कारण अदालत पहुंचे वादकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) योजना के विरोध में बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल के चलते अदालतों में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई और तारीख पर पहुंचे पक्षकारों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा। कई मामलों में अदालतों ने नई तारीखें निर्धारित की।
एलएडीसीएस योजना के तहत सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर वेतनभोगी वकीलों की नियुक्ति कर रही है। इन वकीलों के माध्यम से उन लोगों का पक्ष रखा जाएगा, जो निजी वकील करने में सक्षम नहीं हैं। पहले ऐसे मामलों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल में शामिल निजी अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाता था।
विज्ञापन
अधिवक्ता जोगिंदर नरवत ने कहा कि इस व्यवस्था से निजी वकीलों, विशेषकर नए और युवा अधिवक्ताओं के काम पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उनका कहना है कि कानूनी सहायता से जुड़े मुकदमे अब पैनल के वकीलों के बजाय सरकारी नियुक्त अधिवक्ताओं के पास चले जाएंगे। जिससे युवा वकीलों के लिए अवसर कम हो जाएगा। इसी मांग को लेकर वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने सरकार से एलएडीसीएस योजना पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की है। हड़ताल के कारण अदालत पहुंचे वादकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन