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मृतकों का शव रख कर परिजनों और मजदूरों ने किया हंगामा
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नेहरु ग्राउंड में मृतकों के परिजनो को मुआवजे दिए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते लोग।
- फोटो : Faridabad
मृतकों का शव रख कर परिजनों और मजदूरों ने किया हंगामा
फरीदाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों ने बुधवार को नेहरू ग्राउंड स्थित लोहामंडी में एंबुलेंस में शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। मौके पर दुकानदारों व पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद दोनों के शव लेकर पैतृक गांव चले गए। सोमवार को दोनों मजदूर एक कैंटर में लोहे की चादर लेकर चालक पंकज के साथ सोनीपत जा रहे थे। सोमवार देर रात पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (केजीपी) पर उनका ट्रक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से टकरा गया। इसमें जहां चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं सरमद और मोहम्मद आलम की मौत हो गई। मृतक मजदूर सरमद के रिश्तेदार जुनैद ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर के रहने वाले हैं। सरमद की दो साल पहले शादी हुई थी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर प्रवीण हादसे वाली जगह से केवल घायल चालक को उठाकर अस्पताल ले गया जबकि दोनों घायल मजदूरों को वहीं छोड़ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों शवों का नोएडा में पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार देर रात परिजन फरीदाबाद लोहा मंडी पहुंच गए। यहां उनके अन्य साथी मजदूर एकत्रित हो गए व शव को रख कर हंगामा करना शुुुरू कर दिया। इधर जिस दुकानदार का माल लेकर सोनीपत जा रहे थे, वह अभी विदेश में हैं। ऐसे में मजदूरों के हंगामे को देखते हुए उनके स्टाफ ने बुधवार को दुकान बंद कर दी।
लोहा मंडी के प्रधान ने दिए 50 हजार रुपये
लोहा मंडी के प्रधान सीएल अरोड़ा ने अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये तत्काल देने के साथ दुकानदारों से भी मदद दिलाने का भरोसा दिया। इस पर मजदूर मानने को तैयार नहीं हुए। वह मृतक परिजन को पांच-पांच लाख रुपये देने की मांग कर रहे थे। हालांकि दुकानदारों व पुलिस के समझाने-बुझाने पर वह मान गए व दोनों के शव लेकर पैतृक गांव चले गए।
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फरीदाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों ने बुधवार को नेहरू ग्राउंड स्थित लोहामंडी में एंबुलेंस में शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। मौके पर दुकानदारों व पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद दोनों के शव लेकर पैतृक गांव चले गए। सोमवार को दोनों मजदूर एक कैंटर में लोहे की चादर लेकर चालक पंकज के साथ सोनीपत जा रहे थे। सोमवार देर रात पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (केजीपी) पर उनका ट्रक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से टकरा गया। इसमें जहां चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं सरमद और मोहम्मद आलम की मौत हो गई। मृतक मजदूर सरमद के रिश्तेदार जुनैद ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर के रहने वाले हैं। सरमद की दो साल पहले शादी हुई थी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर प्रवीण हादसे वाली जगह से केवल घायल चालक को उठाकर अस्पताल ले गया जबकि दोनों घायल मजदूरों को वहीं छोड़ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों शवों का नोएडा में पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार देर रात परिजन फरीदाबाद लोहा मंडी पहुंच गए। यहां उनके अन्य साथी मजदूर एकत्रित हो गए व शव को रख कर हंगामा करना शुुुरू कर दिया। इधर जिस दुकानदार का माल लेकर सोनीपत जा रहे थे, वह अभी विदेश में हैं। ऐसे में मजदूरों के हंगामे को देखते हुए उनके स्टाफ ने बुधवार को दुकान बंद कर दी।
लोहा मंडी के प्रधान ने दिए 50 हजार रुपये
लोहा मंडी के प्रधान सीएल अरोड़ा ने अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये तत्काल देने के साथ दुकानदारों से भी मदद दिलाने का भरोसा दिया। इस पर मजदूर मानने को तैयार नहीं हुए। वह मृतक परिजन को पांच-पांच लाख रुपये देने की मांग कर रहे थे। हालांकि दुकानदारों व पुलिस के समझाने-बुझाने पर वह मान गए व दोनों के शव लेकर पैतृक गांव चले गए।
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