समझौते से बनी बात: जुनैद और नसीर सुपुर्द-ए-खाक, परिजनों को सरकार देगी 15-15 लाख, एक सदस्य को सरकारी नौकरी
राज्यमंत्री जाहिदा खान और कमेटी के लोगों के फैसले के बाद यह निर्णय लिया गया कि मृतक जुनैद और नासिर के परिजनों को 15-15 लाख रुपए राजस्थान सरकार की ओर से, पांच-पांच लाख रुपए राज्यमंत्री के निजी कोष से, इसके अलावा 50-50 हजार रुपए साजिद प्रधान की ओर से दिए जाएंगे।
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हरियाणा राज्य से सटे राजस्थान की तहसील पहाड़ी के गांव घाटमीका से अपह्रत दो युवकों को बोलेरो गाड़ी में जलाए जाने की घटना से हरकत में आई राजस्थान सरकार ने पीड़ित परिजनों को 15-15 लाख रुपये आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी सरकार ने कही है। राज्य मंत्री जाहिदा खान की घोषणा के बाद दोनों युवकों के शव शुक्रवार दोपहर बाद सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
इससे पहले वारदात से गुस्साए परिजनों ने शवों को दफनाने से साफ इंकार कर दिया था। जैसे ही यह बात राजस्थान प्रशासन को पता लगी वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही लोगों का हुजूम भी उमड़ पड़ा। गुस्साए ग्रामीण गो-रक्षक दल के मोनू मानेसर की टीम की गिरफ्तारी, 51 लाख रुपये की आर्थिक मदद और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी की मांग पर अडे हुए थे।
मामले को लेकर गांव के ही पूर्व सरपंच नूर मोहम्मद की अध्यक्षता में कई घंटे पंचायत चली। इसमे राज्य मंत्री जाहिदा खान सहित 11 लोगों की कमेटी तय कर दी गई। जो अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखेंगे। राज्यमंत्री जाहिदा खान और कमेटी के लोगों के फैसले के बाद यह निर्णय लिया गया कि मृतक जुनैद और नासिर के परिजनों को 15-15 लाख रुपए राजस्थान सरकार की ओर से, पांच-पांच लाख रुपए राज्यमंत्री के निजी कोष से, इसके अलावा 50-50 हजार रुपए साजिद प्रधान की ओर से दिए जाएंगे। इस घोषण के उपरांत पीड़ित परिजनों को समझाकर जुनैद और नासिर के शवों को सुपुर्द ए खाक किया गया।
- पंचायत के दौरान कई मांगों को लेकर सहमति बनी कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मिलेगा। इसके लिए पंचायत में ही 11 लोगों को चयनित किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य मंत्री जाहिदा खान के साथ मुख्यमंत्री से मिलेगा।
- निर्णयानुसार राज्य मंत्री जाहिदा खान की ओर दोनों परिवारो को पांच-पांच लाख रुपए, राज्य सरकार की ओर से 15-15 लाख, प्रधान साजिद खान पंचायत समिति पहाड़ी की ओर 50-50 हजार रूपए सहायता राशि की घोषणा।
- परिवार मे एक सदस्य को चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने की घोषणा की गई है।
- अपराधी चाहे कोई भी हो, कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
घाटमीका गांव के चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस:
जैसे ही राजस्थान पुलिस प्रशासन को यह जानकारी मिली कि मृतक के परिजन शवों को दफना नहीं रहे हैं, तो गांव के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए जिला प्रशासन भरतपुर की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से पहाडी में अग्निशमन, बज्रभान, एंबुलेंस, रिर्जव पुलिस बल की बसें, एसटीएफ, रिर्जव पुलिस बल, क्यूआरटी के जवान तैनात रहे।
मोनू ने आरोपों को बताया निराधार:
बजंरग दल के मानेसर मंडल अध्यक्ष मोहित उर्फ मोनू मानेसर ने अपनी टीम के साथ ट्विटर हैंडल पर वीडियो डालकर उस पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। वीडियो में उसने कहा कि सोशल मीडिया के जरिऐ जानकारी में आया है। इस घटना को लेकर जो आरोप उस पर लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। बजरंग दल की टीम का इससे कोई लेना देना नहीं है। घटना र्दुभाग्यपूर्ण है। हम पुलिस को सहयोग करेंगे। मोनू ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हिरासत में नामजद एक आरोपी
थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने बताया है की पुलिस ने देर रात अपह्रण के मामले मे नामजद फिरोजपुर झिरका निवासी रिंकू सैनी को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जा रही है। जबकि रिंकू के पिता बृजलाल सैनी व माता संतोषी देवी और उसकी पत्नी गीता का कहना है कि रिंकू चालक का कार्य करता है जो 15 फरवरी की रात को अलवर बुकिंग में गया था। इसके बाद 16 तारीख को भिवाडी बुकिंग पर गया था। राजस्थान की पुलिस उसे पकड़ कर ले गई है। साजिश के तहत उसे फंसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।