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'इन गलतियों के कारण पूजा की मौत के लिए जिम्मेदार आरोपी को सजा नहीं दिला पाएगी पुलिस'

Sun, 08 May 2016 12:26 PM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 08 May 2016 12:26 PM IST
सार

  • घटना के बाद तथ्य और सबूत जुटाने में पुलिस ने नही दिखाई तेजी 
  • डीसीपी एनआईटी का दावा,  सही दिशा में जांच कर रही है पुलिस  

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पूजा त‌िवारी की दोस्त म‌िडी र‌ीवा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पत्रकार पूजा तिवारी की मौत कहीं रहस्य ही न रह जाए, पुलिस ने अभी तक जांच में जो लापरवाही बरती उससे तो नहीं लगता कि वह असली आरोपी को सजा दिला पाएगी। यह चिंता पूजा के करीबियों को सता रही है।

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चिंता बेबुनियाद भी नहीं कही जा सकती क्योंकि रुक्का की तामीली से लेकर घटनास्थल को सील करने तक में पुलिस ने लापरवाही बरती। वारदात के फौरन बाद जुटाए गए तथ्य और सबूत काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। परिजनों ने पुलिसिया जांच पर कई सवाल उठाए हैं।
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पूजा की मौत का रुक्का एशियन हॉस्पिटल से रविवार रात 1:30 बजे पुलिस को भेजा गया था। एसएचओ सूरजकुंड के मुताबिक चौकी से यह रुक्का उनके पास तड़के 3:30 बजे पहुंचा।
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मौत जैसी वारदात की सूचना पहुंचने में भी दो घंटे बर्बाद किए गए। परिजनों का आरोप यह भी है कि पुलिस ने घटनास्थल का स्केच नहीं तैयार किया और न ही अमरीन खान, अमित का मेडिकल चेकअप कराया।

अमरीन और अमित के कपड़ों पर नहीं खून के छींटे

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पुलिस ने न तो उस कार की जांच की और न ही चालक से पूछताछ। लहूलुहान पूजा को अमित और अमरीन कार में डाल कर एशियन अस्पताल ले गए थे। सूचना पर थोड़ी देर बाद अस्पताल पहुंचे पूजा के एक परिचित ने बताया कि अमरीन और अमित के कपड़ों पर खून के एक भी छींटे नहीं थे, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में इसे देखा जा सकता है।

क्या ऐसा हो सकता है कि एक लहूलुहान व्यक्ति को उठाने वाले के कपड़ों में खून नहीं लगे? अमरीन के मुताबिक, घटनावाली रात अमित और पूजा ने शराब पी थी, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया लेकिन न तो शराब की बोतलें और न ही गिलास कब्जे में लिए।

अमित के मुताबिक पूजा ग्रिल से लटकी थी और उसने हाथ पकड़ने की कोशिश की पुलिस ने ग्रिल से फिंगरप्रिंट भी नहीं उठाए, दो दिन पहले हुई बारिश में अब ग्रिल पर उंगलियों के निशान रह पाए होंगे कहना मुश्किल है। 

घटनास्‍थल की नहीं कराई गई फोटोग्राफी

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मालूम हो कि अमरीन खान ने पुलिस को बताया था कि पूजा के नीचे गिरने के बाद वह और अमित नीचे उतरे थे। अमित की कार की चाभी नहीं मिल रही थी, उसी समय कोई व्यक्ति अपार्टमेंट में आकर कार पार्क कर रहा था, पूजा को उसकी कार में डाल कर ले जाया गया था।

पुलिस ने पूजा का फ्लैट भी नहीं सील किया। आरोपी अमित दूसरे दिन फ्लैट में घुसते हुए और कुछ सामान लेकर बाहर जाता हुआ देखा गया। 

पुलिस ने अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज भी नहीं चेक किए और न ही घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करवाई गई। हालांकि डीसीपी एनआईटी पूर्णचंद पंवार का दावा है कि पुलिस सही दिशा में जांच कर रही है।

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