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Faridabad News: विस्फोटक बनाने में मदद करने कश्मीर से अल फलाह यूनिवर्सिटी आया था जसीर वानी
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एनआईए ने किया हुआ है गिरफ्तार, आरोपी जम्मू कश्मीर की यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का छात्र है
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की विस्फोटक बनाने में मदद करने के लिए कश्मीर से युवक जसीर वानी कई बार अल फलाह यूनिवर्सिटी आया था। आरोपी जसीर वानी अब एनआईए की गिरफ्त में है। वो जम्मू कश्मीर की यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का छात्र है। बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी परिसर में दो एकड़ के खेत में बने कमरे में बम निरोधक दस्ते की जांच के दौरान जसीर वानी को भी एनआईए टीम डॉ. मुजम्मिल व डॉ. शाहीन के साथ लेकर यहां आई थी।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो यूरिया में केमिकल मिलाकर उसे रिफाइन कर अमोनियम नाइट्रेट ये संदिग्ध आतंकी बनाते थे। इसी काम में मदद करने के लिए जम्मू कश्मीर से जसीर वानी कई बार अल फलाह यूनिवर्सिटी आया था। यहां वो डॉ. मुजम्मिल के पास ही रुकता था। यूरिया को आटा चक्की की मदद से बारीक पीसने के बाद उसमें केमिकल मिलाकर ये अमोनियम नाइट्रेट और फिर उसे रिफाइन कर विस्फोटक बनाते थे। आरोपी जसीर वानी को एनआईए की टीम साथ लेकर आई तो अल फलाह यूनिवर्सिटी के अलावा आस-पास के इलाके में 10 से अधिक जगहों की पहचान भी उससे कराई गई।
वहीं अल फलाह यूनिवर्सिटी में शुक्रवार दोपहर आरोपी लिपिक शोएब को लाकर यहां पहचान कराने व पूछताछ के बाद से अब यूनिवर्सिटी परिसर शांत है। एनआईए टीम शुक्रवार दोपहर और शनिवार को यूनिवर्सिटी परिसर में नहीं पहुंची।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की विस्फोटक बनाने में मदद करने के लिए कश्मीर से युवक जसीर वानी कई बार अल फलाह यूनिवर्सिटी आया था। आरोपी जसीर वानी अब एनआईए की गिरफ्त में है। वो जम्मू कश्मीर की यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का छात्र है। बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी परिसर में दो एकड़ के खेत में बने कमरे में बम निरोधक दस्ते की जांच के दौरान जसीर वानी को भी एनआईए टीम डॉ. मुजम्मिल व डॉ. शाहीन के साथ लेकर यहां आई थी।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो यूरिया में केमिकल मिलाकर उसे रिफाइन कर अमोनियम नाइट्रेट ये संदिग्ध आतंकी बनाते थे। इसी काम में मदद करने के लिए जम्मू कश्मीर से जसीर वानी कई बार अल फलाह यूनिवर्सिटी आया था। यहां वो डॉ. मुजम्मिल के पास ही रुकता था। यूरिया को आटा चक्की की मदद से बारीक पीसने के बाद उसमें केमिकल मिलाकर ये अमोनियम नाइट्रेट और फिर उसे रिफाइन कर विस्फोटक बनाते थे। आरोपी जसीर वानी को एनआईए की टीम साथ लेकर आई तो अल फलाह यूनिवर्सिटी के अलावा आस-पास के इलाके में 10 से अधिक जगहों की पहचान भी उससे कराई गई।
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वहीं अल फलाह यूनिवर्सिटी में शुक्रवार दोपहर आरोपी लिपिक शोएब को लाकर यहां पहचान कराने व पूछताछ के बाद से अब यूनिवर्सिटी परिसर शांत है। एनआईए टीम शुक्रवार दोपहर और शनिवार को यूनिवर्सिटी परिसर में नहीं पहुंची।
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