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Faridabad News: मीट का कारोबार करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य
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नगर निगम के अधिकारियों ने की मीट व्यापारियों के साथ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारियों ने बुधवार को मीट व्यापारियों के साथ बैठक का आयोजन किया। बैठक में निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नीतीश परवाल ने व्यापारियों को स्पष्ट शब्दों में बताया कि मीट का कारोबार करने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य है और बिना लाइसेंस के व्यापार करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि फरीदाबाद में मुर्गा और बकरा दुकानदार स्वयं पशु वध नहीं कर सकते। उन्हें केवल निगम द्वारा अधिकृत स्लाटर हाउस से ही मीट खरीदने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि अवैध कटान न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा होता है। इसलिए इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है।
नीतीश परवाल ने बताया कि मीट की दुकानों पर काले शीशे लगाना अनिवार्य है ताकि खुले में मीट प्रदर्शित न हो और स्वच्छता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल, कॉलेज और मंदिर से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर ही मीट की दुकान होनी चाहिए। इस नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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बैठक में उन व्यापारियों को भी विशेष जानकारी दी गई, जिन्होंने पहले से लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दोबारा आवेदन करते समय किन-किन नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी है, इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि फॉर्म में फोटो के साथ दुकान का पूरा विवरण देना अनिवार्य है, ताकि सत्यापन में किसी तरह की दिक्कत न आए।
इस दौरान नीतीश परवाल ने निगम के कर्मचारियों को भी कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि लाइसेंस से जुड़े सभी आवेदनों को सात दिन के भीतर निपटाया जाना चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे समय रहते रिजेक्ट कर कारण स्पष्ट रूप से बताना जरूरी है। उन्होंने लंबित फाइलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पेंडिंग फाइलों को बिना वजह रोके रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारियों ने बुधवार को मीट व्यापारियों के साथ बैठक का आयोजन किया। बैठक में निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नीतीश परवाल ने व्यापारियों को स्पष्ट शब्दों में बताया कि मीट का कारोबार करने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य है और बिना लाइसेंस के व्यापार करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि फरीदाबाद में मुर्गा और बकरा दुकानदार स्वयं पशु वध नहीं कर सकते। उन्हें केवल निगम द्वारा अधिकृत स्लाटर हाउस से ही मीट खरीदने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि अवैध कटान न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा होता है। इसलिए इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है।
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नीतीश परवाल ने बताया कि मीट की दुकानों पर काले शीशे लगाना अनिवार्य है ताकि खुले में मीट प्रदर्शित न हो और स्वच्छता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल, कॉलेज और मंदिर से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर ही मीट की दुकान होनी चाहिए। इस नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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बैठक में उन व्यापारियों को भी विशेष जानकारी दी गई, जिन्होंने पहले से लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दोबारा आवेदन करते समय किन-किन नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी है, इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि फॉर्म में फोटो के साथ दुकान का पूरा विवरण देना अनिवार्य है, ताकि सत्यापन में किसी तरह की दिक्कत न आए।
इस दौरान नीतीश परवाल ने निगम के कर्मचारियों को भी कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि लाइसेंस से जुड़े सभी आवेदनों को सात दिन के भीतर निपटाया जाना चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे समय रहते रिजेक्ट कर कारण स्पष्ट रूप से बताना जरूरी है। उन्होंने लंबित फाइलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पेंडिंग फाइलों को बिना वजह रोके रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।