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Faridabad News: साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना बेहतर जरूरी
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राष्ट्रीय अनाज दिवस
साबुत अनाज से मिलते हैं आवश्यक पोषक तत्व, बीमारियों से बचाव संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के बीच स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार दैनिक भोजन में साबुत अनाज को शामिल करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कई बीमारियों से बचाव संभव है। राष्ट्रीय अनाज दिवस के अवसर पर लोगों को स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक करते हुए विशेषज्ञों ने साबुत अनाज के सेवन को बढ़ाने की सलाह दी।
निजी अस्पताल की वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. अवंतिका मजूमदार ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में लोग अक्सर अनाज और पोषण की सही मात्रा को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि भोजन में गेहूं, बाजरा, रागी और ओट्स जैसे साबुत अनाज का नियमित सेवन करना चाहिए। ये फाइबर, विटामिन और खनिजों के अच्छे स्रोत होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ शुगर और मोटापे जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।
डॉ. अवंतिका के अनुसार दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करनी चाहिए। सुबह के समय अंकुरित अनाज, रागी का चीला या ओट्स का सेवन बेहतर विकल्प हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को पूरे दिन ऊर्जा प्रदान करती है। इसके साथ मौसमी फल या थोड़ी मात्रा में सूखे मेवे भी लिए जा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि दोपहर के भोजन में संतुलित थाली का सिद्धांत अपनाना चाहिए। इसमें मल्टीग्रेन रोटी या ब्राउन राइस, दाल, हरी सब्जी, दही और सलाद को शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और एंजाइम्स मिल सकें। शाम के समय चाय के साथ तले-भुने स्नैक्स के बजाय भुने हुए मखाने, चने या मुरमुरे का सेवन बेहतर विकल्प है। इससे भूख भी शांत होती है और अनावश्यक कैलोरी से भी बचाव होता है।
रात के भोजन के बारे में उन्होंने कहा कि इसे हल्का और सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले लेना चाहिए। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया या सूप के साथ उबली हुई सब्जियां रात के लिए अच्छे विकल्प हैं, क्योंकि ये आसानी से पच जाते हैं। डॉ. अवंतिका मजूमदार ने यह भी सलाह दी कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित आहार के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैदा और अत्यधिक चीनी के सेवन से दूरी बनाकर ही लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जिया जा सकता है।
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साबुत अनाज से मिलते हैं आवश्यक पोषक तत्व, बीमारियों से बचाव संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के बीच स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार दैनिक भोजन में साबुत अनाज को शामिल करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और कई बीमारियों से बचाव संभव है। राष्ट्रीय अनाज दिवस के अवसर पर लोगों को स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक करते हुए विशेषज्ञों ने साबुत अनाज के सेवन को बढ़ाने की सलाह दी।
निजी अस्पताल की वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. अवंतिका मजूमदार ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में लोग अक्सर अनाज और पोषण की सही मात्रा को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि भोजन में गेहूं, बाजरा, रागी और ओट्स जैसे साबुत अनाज का नियमित सेवन करना चाहिए। ये फाइबर, विटामिन और खनिजों के अच्छे स्रोत होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ शुगर और मोटापे जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।
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डॉ. अवंतिका के अनुसार दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करनी चाहिए। सुबह के समय अंकुरित अनाज, रागी का चीला या ओट्स का सेवन बेहतर विकल्प हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को पूरे दिन ऊर्जा प्रदान करती है। इसके साथ मौसमी फल या थोड़ी मात्रा में सूखे मेवे भी लिए जा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि दोपहर के भोजन में संतुलित थाली का सिद्धांत अपनाना चाहिए। इसमें मल्टीग्रेन रोटी या ब्राउन राइस, दाल, हरी सब्जी, दही और सलाद को शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और एंजाइम्स मिल सकें। शाम के समय चाय के साथ तले-भुने स्नैक्स के बजाय भुने हुए मखाने, चने या मुरमुरे का सेवन बेहतर विकल्प है। इससे भूख भी शांत होती है और अनावश्यक कैलोरी से भी बचाव होता है।
रात के भोजन के बारे में उन्होंने कहा कि इसे हल्का और सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले लेना चाहिए। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया या सूप के साथ उबली हुई सब्जियां रात के लिए अच्छे विकल्प हैं, क्योंकि ये आसानी से पच जाते हैं। डॉ. अवंतिका मजूमदार ने यह भी सलाह दी कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित आहार के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैदा और अत्यधिक चीनी के सेवन से दूरी बनाकर ही लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जिया जा सकता है।