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Faridabad News: विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच शुरू
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ठेकेदार पर दूसरी गलियां बनाने का आरोप, फाइलों के सहारे जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पर्वतीय कॉलोनी में गलियों को बनाने के मामले में हुई गड़बड़ी की जांच नगर निगम ने शुरू कर दी है। कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम ने कहा कि कार्य में गड़बड़ी तो हुई है, जो गली बनाई जानी थी, इसके जगह पर दूसरी बना दी गई है। तकनीकी रूप से यह गलत है। वहीं, ठेकेदार व जेई की मौत हो चुकी है। ऐसे में 90 लाख के कार्यों की जांच फाइलों के सहारे आगे बढ़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय निवासी राम सिंह का आरोप है कि पर्वतीय काॅलोनी की महादेव पाकेट वार्ड नंबर छह में 15 गलियों को आरएमसी बनाने के लिए वर्ष 2018 में दिया गया था। इसके लिए करीब 42 लाख और 47 लाख का काम जारी हुआ था और साल 2019 में पूरा होना था। आरोप हैं कि 15 गलियों में से 14 गलियां अभी तक नहीं बनी। 14 गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल लगी हुई है। ठेकेदार को जिन गलियों को आरएमसी बनानी थी, वह बनाई ही नहीं। कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम का कहना है कि पर्वतीय कॉलोनी में जो गलियां बननी थी, उसे नहीं बनाकर ठेकेदार ने दूसरी गलियों को बना दिया। ऐसा क्यों किया, इसकी जांच चल रही है। पहले अधिकारी के पास अधिकार होता था कि पार्षद या विधायक की मांग पर कार्य बदल दे। उन्होंने कहा कि मौके का मुआयना किया जा चुका है। एक ही कॉलोनी में और एक ही वार्ड में काम कराए गए हैं। जांच में कहीं गड़बड़ी पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार और जेई की हो चुकी है मौत
अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार और जेई की मौत हो चुकी है। ऐसे में फाइलों के अनुसार ही जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फाइलों की नोटिंग को भी देखा जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पर्वतीय कॉलोनी में गलियों को बनाने के मामले में हुई गड़बड़ी की जांच नगर निगम ने शुरू कर दी है। कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम ने कहा कि कार्य में गड़बड़ी तो हुई है, जो गली बनाई जानी थी, इसके जगह पर दूसरी बना दी गई है। तकनीकी रूप से यह गलत है। वहीं, ठेकेदार व जेई की मौत हो चुकी है। ऐसे में 90 लाख के कार्यों की जांच फाइलों के सहारे आगे बढ़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय निवासी राम सिंह का आरोप है कि पर्वतीय काॅलोनी की महादेव पाकेट वार्ड नंबर छह में 15 गलियों को आरएमसी बनाने के लिए वर्ष 2018 में दिया गया था। इसके लिए करीब 42 लाख और 47 लाख का काम जारी हुआ था और साल 2019 में पूरा होना था। आरोप हैं कि 15 गलियों में से 14 गलियां अभी तक नहीं बनी। 14 गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल लगी हुई है। ठेकेदार को जिन गलियों को आरएमसी बनानी थी, वह बनाई ही नहीं। कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम का कहना है कि पर्वतीय कॉलोनी में जो गलियां बननी थी, उसे नहीं बनाकर ठेकेदार ने दूसरी गलियों को बना दिया। ऐसा क्यों किया, इसकी जांच चल रही है। पहले अधिकारी के पास अधिकार होता था कि पार्षद या विधायक की मांग पर कार्य बदल दे। उन्होंने कहा कि मौके का मुआयना किया जा चुका है। एक ही कॉलोनी में और एक ही वार्ड में काम कराए गए हैं। जांच में कहीं गड़बड़ी पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार और जेई की हो चुकी है मौत
अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार और जेई की मौत हो चुकी है। ऐसे में फाइलों के अनुसार ही जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फाइलों की नोटिंग को भी देखा जा रहा है।
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