{"_id":"688131dbf9c1726c7606e217","slug":"investigation-started-in-the-case-of-taking-crop-compensation-by-posing-as-a-farmer-fraudulently-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-47766-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: फर्जी तरीके से किसान बनकर फसल मुआवजा लेने के मामले में जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: फर्जी तरीके से किसान बनकर फसल मुआवजा लेने के मामले में जांच शुरू
विज्ञापन
नूंह, पलवल के 22 फर्जी किसानों ने दूसरे की जमीन पर सरकार से हड़प लिए रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फर्जी तरीके से किसान बनकर फसल का बीमा करा मुआवजा हासिल करने के मामले में सेंट्रल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लिस्ट के आधार पर जल्द ही इन आरोपी किसानों को गिरफ्तार करेगी। ये सभी 22 आरोपी नूंह व पलवल जिले के रहने वाले हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सबसे पहले लिस्ट के आधार पर चेक किया जाएगा कि ये लोग असल में हैं या नहीं। वेरिफाई कर टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई करेगी।
मामले में सेंट्रल थाने की पुलिस ने सोमवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर भगत सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। नूंह और पलवल जिले के 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर फर्जीवाड़े की धाराओं में दर्ज की गई है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी 22 लोगों ने फरीदाबाद के गांव नरहावली, मोठूका की जमीन के मालिक बनकर धान की फसल का पोर्टल पर बीमा कराया। बाद में नुकसान बताकर लाखों रुपये मुआवजा हासिल कर लिया। इसके लिए नूंह के तहसील कार्यालय में नोटरी से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। इसके बाद फर्जी किसान प्रमाण पत्र बनाकर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फर्जी तरीके से किसान बनकर फसल का बीमा करा मुआवजा हासिल करने के मामले में सेंट्रल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लिस्ट के आधार पर जल्द ही इन आरोपी किसानों को गिरफ्तार करेगी। ये सभी 22 आरोपी नूंह व पलवल जिले के रहने वाले हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सबसे पहले लिस्ट के आधार पर चेक किया जाएगा कि ये लोग असल में हैं या नहीं। वेरिफाई कर टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई करेगी।
मामले में सेंट्रल थाने की पुलिस ने सोमवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर भगत सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। नूंह और पलवल जिले के 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर फर्जीवाड़े की धाराओं में दर्ज की गई है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी 22 लोगों ने फरीदाबाद के गांव नरहावली, मोठूका की जमीन के मालिक बनकर धान की फसल का पोर्टल पर बीमा कराया। बाद में नुकसान बताकर लाखों रुपये मुआवजा हासिल कर लिया। इसके लिए नूंह के तहसील कार्यालय में नोटरी से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। इसके बाद फर्जी किसान प्रमाण पत्र बनाकर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया था।
विज्ञापन