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अंतरराज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश
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फरीदाबाद। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोएडा में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा है। गिरोह 50 से 60 हजार रुपये लेकर गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की जांच कराता था। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग से बचने के लिए गिरोह महिलाओं को फरीदाबाद से दिल्ली, नोएडा व वहां से गाजियाबाद ले जाता था। टीम ने एक फर्जी ग्राहक तैयार कर इस गिरोह को काबू किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया. जहां से जेल भेज दिया गया। इस मामले में कविनगर निवासी डॉ. जितेन्द्र व एक अन्य की तलाश है।
नोडल ऑफिसर डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि फरीदाबाद में अरविंद, हरीश, दीपक, मुस्तफिजुर रहमान, प्रभात और जितेंदर नाम के व्यक्ति भ्रूण लिंग की जांच कराते हैं। आरोपी फरीदाबाद से महिलाओं को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद लेकर जाते थे। इसके लिए 50 से 60 हजार रुपये लेते थे। सूचना पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एसएमओ डॉ. हरजिंदर सिंह, एलएमओ डॉ. राखी और एमओ तिगांव डॉ. स्वरनूर की टीम का गठन किया। टीम ने एक फर्जी ग्राहक के रूप में शालिनी नाम की महिला को तैयार किया। टीम ने शालिनी को 60 हजार रुपये भी दिए। उसके साथ उसके पति विनय भी साथ रहे।
करीब एक सप्ताह से आरोपियों के पीछे लगी थी टीम
शालिनी के पति विनय ने करीब एक सप्ताह पहले हरीश को फोन किया औऱ कहा कि उसकी पत्नी चार महीने की गर्भवती है। हरीश ने 60 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया और शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे बीके अस्पताल के पास बुलाया। इसके बाद उसने शालिनी और विनय को दिल्ली के आजादपुर हनुमान मंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका पीछा करती रही। हरीश ने शालिनी व उसके पति से 60 हजार रुपये लिए और कार में बिठाकर सेक्टर-51 नोएडा के लिए निकल गया। नोएडा जाकर हरीश ने अपने साथी दीपक को फोन करके बुलाया। दीपक ने शालिनी और विनय से गर्भ के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद उनकासाथी मुस्तफिजुर रहमान मौके पर आया।
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पैसे मिलने के बाद ही सामने आया डॉक्टर
मुस्तफिजुर रहमान ने पैसे लेने के बाद डॉ. प्रभात व गाजियाबाद के एक डॉ. जितेन्द्र को कॉल किया और भ्रूण लिंग जांच की बात की। कुछ देर बाद डॉ. प्रभात स्कूटी से सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पहुंचा और मरीज को डॉ. जितेन्द्र की क्लिनिक पर लेकर जाने को कहा। इसके बाद सभी आरोपी कार से शालिनी व उसके पति को लेकर कविनगर, गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए।
रास्ते में ही हो गया था आरोपियों को शक
रास्ते में आरोपियो को कुछ शक हुआ तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने बताया है कि मरीज को रविवार को जांच के लिए लेकर आना। ऐसे में सभी आरोपी शालिनी व उसके पति को लेकर वापस सेक्टर-51 नोएडा आ गए। आरोपी एसआरएस हॉस्पिटल के पास रुके थे। इसी दौरान उन्हें लगा कि कोई टीम उन्हें पकड़ने के लिए आ रही है, वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी बीच दीपक, हरीश, कन्हैया व मुस्तफिरजुर रहमान को दबोच लिया. जबकि डॉक्टर प्रभात फरार हो गया। पीएनडीटी एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को पहले डीएम व सीएमओ नोएडा के सामने पेश किया गया। नोएडा के सीएमओ ने कहा कि फरीदाबाद में ही इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपियों के खिलाफ एसजीएम नगर थाने में मामला दर्ज कराकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
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नोडल ऑफिसर डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि फरीदाबाद में अरविंद, हरीश, दीपक, मुस्तफिजुर रहमान, प्रभात और जितेंदर नाम के व्यक्ति भ्रूण लिंग की जांच कराते हैं। आरोपी फरीदाबाद से महिलाओं को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद लेकर जाते थे। इसके लिए 50 से 60 हजार रुपये लेते थे। सूचना पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एसएमओ डॉ. हरजिंदर सिंह, एलएमओ डॉ. राखी और एमओ तिगांव डॉ. स्वरनूर की टीम का गठन किया। टीम ने एक फर्जी ग्राहक के रूप में शालिनी नाम की महिला को तैयार किया। टीम ने शालिनी को 60 हजार रुपये भी दिए। उसके साथ उसके पति विनय भी साथ रहे।
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करीब एक सप्ताह से आरोपियों के पीछे लगी थी टीम
शालिनी के पति विनय ने करीब एक सप्ताह पहले हरीश को फोन किया औऱ कहा कि उसकी पत्नी चार महीने की गर्भवती है। हरीश ने 60 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया और शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे बीके अस्पताल के पास बुलाया। इसके बाद उसने शालिनी और विनय को दिल्ली के आजादपुर हनुमान मंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका पीछा करती रही। हरीश ने शालिनी व उसके पति से 60 हजार रुपये लिए और कार में बिठाकर सेक्टर-51 नोएडा के लिए निकल गया। नोएडा जाकर हरीश ने अपने साथी दीपक को फोन करके बुलाया। दीपक ने शालिनी और विनय से गर्भ के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद उनकासाथी मुस्तफिजुर रहमान मौके पर आया।
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पैसे मिलने के बाद ही सामने आया डॉक्टर
मुस्तफिजुर रहमान ने पैसे लेने के बाद डॉ. प्रभात व गाजियाबाद के एक डॉ. जितेन्द्र को कॉल किया और भ्रूण लिंग जांच की बात की। कुछ देर बाद डॉ. प्रभात स्कूटी से सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पहुंचा और मरीज को डॉ. जितेन्द्र की क्लिनिक पर लेकर जाने को कहा। इसके बाद सभी आरोपी कार से शालिनी व उसके पति को लेकर कविनगर, गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए।
रास्ते में ही हो गया था आरोपियों को शक
रास्ते में आरोपियो को कुछ शक हुआ तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने बताया है कि मरीज को रविवार को जांच के लिए लेकर आना। ऐसे में सभी आरोपी शालिनी व उसके पति को लेकर वापस सेक्टर-51 नोएडा आ गए। आरोपी एसआरएस हॉस्पिटल के पास रुके थे। इसी दौरान उन्हें लगा कि कोई टीम उन्हें पकड़ने के लिए आ रही है, वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी बीच दीपक, हरीश, कन्हैया व मुस्तफिरजुर रहमान को दबोच लिया. जबकि डॉक्टर प्रभात फरार हो गया। पीएनडीटी एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को पहले डीएम व सीएमओ नोएडा के सामने पेश किया गया। नोएडा के सीएमओ ने कहा कि फरीदाबाद में ही इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपियों के खिलाफ एसजीएम नगर थाने में मामला दर्ज कराकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।