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Faridabad News: जेसी बोस में अंतरराष्ट्रीय महिला इंजीनियरिंग दिवस मनाया
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- विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं इंजीनियरिंग में लैंगिक विविधता को बढ़ावा देने की आवश्यकता : कुलपति प्रो. तोमर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला इंजीनियरिंग दिवस पर कई कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों के संकाय सदस्यों और छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने महिला इंजीनियरिंग दिवस पर इंजीनियरिंग के संकाय सदस्यों और छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने इस दिन के वैश्विक महत्व पर बल दिया, जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देता है। प्रो. तोमर ने प्रमुख भारतीय महिलाओं के संबंध में रोचक तथ्य साझा किए। जिन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इन विषयों में लैंगिक अंतर को खत्म करने की आवश्यकता तथा महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के महत्व पर बल दिया। प्रो. तोमर ने विज्ञान और इंजीनियरिंग में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए गए उपायों पर भी प्रकाश डाला। प्रो. तोमर ने कहा कि विश्वविद्यालय के 15 शिक्षण विभागों में से नौ का नेतृत्व महिला संकाय सदस्यों द्वारा किया जा रहा है जोकि निर्णय लेने की भूमिकाओं में महिलाओं को सशक्त बनाने के विश्वविद्यालय के प्रयासों का प्रमाण है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला इंजीनियरिंग दिवस पर कई कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों के संकाय सदस्यों और छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने महिला इंजीनियरिंग दिवस पर इंजीनियरिंग के संकाय सदस्यों और छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने इस दिन के वैश्विक महत्व पर बल दिया, जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देता है। प्रो. तोमर ने प्रमुख भारतीय महिलाओं के संबंध में रोचक तथ्य साझा किए। जिन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इन विषयों में लैंगिक अंतर को खत्म करने की आवश्यकता तथा महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के महत्व पर बल दिया। प्रो. तोमर ने विज्ञान और इंजीनियरिंग में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए गए उपायों पर भी प्रकाश डाला। प्रो. तोमर ने कहा कि विश्वविद्यालय के 15 शिक्षण विभागों में से नौ का नेतृत्व महिला संकाय सदस्यों द्वारा किया जा रहा है जोकि निर्णय लेने की भूमिकाओं में महिलाओं को सशक्त बनाने के विश्वविद्यालय के प्रयासों का प्रमाण है।
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