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डबुआ कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस फ्लैटों को खाली करने का निर्देश-
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फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाल में नगर निगम को खोरी में तोड़फोड़ कार्रवाई करने के बाद बेघर हुए लोगों को अस्थाई घर देने के आदेश दिए गए थे। इस पर नगर निगम ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को निगम अधिकारियों ने एक बार फिर डबुआ कॉलोनी और बल्लभगढ़ बापू नगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का निरीक्षण किया। डबुआ कॉलोनी के फ्लैटों में अवैध रूप से रह रहे डेढ़ सौ परिवारों को जल्द फ्लैट खाली करने के निर्देश दिए हैं। यहां सफाई के साथ मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
नगर निगम खोरी कॉलोनी के प्रभावित लोगों को एनआईटी के डबुआ कॉलोनी और बल्लभगढ़ के बापूनगर में जेएनएनयूआरएम के तहत बनाए गए ईडब्ल्यूएस फ्लैट में शिफ्ट करने की योजना बनाई है। इसके लिए दोनों स्थानों का इंजीनियरिंग विभाग की टीम निरीक्षण कर फ्लैटों के हालात की जानकारी एकत्र कर रही है। शुक्रवार को मुख्य अभियंता रामजीलाल और अधीक्षण अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया। वहीं, 20 सितंबर तक पात्र लोगों को प्रोविजनल अलॉट करने का समय सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है।
अवैध कब्जों को खाली कराने के लिए बनाए गए थे फ्लैट
स्मार्ट सिटी में नगर निगम की हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर बस्तियां बनकर तैयार हो गई थीं। इस बढ़ते स्लम को रोकने के लिए सरकार ने योजना तैयार की थी। योजना के तहत स्लम में रहने वालों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट में शिफ्ट किया जाना था। वर्ष 2011 में फ्लैट बनने के बाद सूरजकुंड के लक्कड़पुर खोरी के 202 परिवारों को चिन्हित करके डबुआ कॉलोनी में शिफ्ट किया गया था। इसी तरह से बापू नगर वाले फ्लैटों में भी 149 परिवारों को भेजा गया था। बाकी दोनों जगहों पर 2545 फ्लैट खंडहर का रूप ले चुके हैं। इन फ्लैटों में कई लोगों ने अवैध रूप से भी कब्जा किया हुआ है।
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सफाई के काम में आई तेजी
खोरी के प्रभावित लोगों को जल्द फ्लैट दिए जा सकें, इसके लिए नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के साथ ही दोनों स्थानों पर साफ-सफाई का काम तेज कर दिया गया है। जेसीबी मशीन से गंदगी के ढेरों को साफ कराया जा रहा है। फ्लैटों में टूटे दरवाजे और शौचालयों की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
डबुआ कॉलोनी में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में ग्राउंड फ्लोर की हालत ज्यादा खराब है। इसलिए लोगों को पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट देने की तैयारी की जा रही है। इनमें दरवाजे, खिड़की और शौचालय टूटे हैं। उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। पहले करीब 150 लोगों को फ्लैट दिया जाएगा।
- रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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नगर निगम खोरी कॉलोनी के प्रभावित लोगों को एनआईटी के डबुआ कॉलोनी और बल्लभगढ़ के बापूनगर में जेएनएनयूआरएम के तहत बनाए गए ईडब्ल्यूएस फ्लैट में शिफ्ट करने की योजना बनाई है। इसके लिए दोनों स्थानों का इंजीनियरिंग विभाग की टीम निरीक्षण कर फ्लैटों के हालात की जानकारी एकत्र कर रही है। शुक्रवार को मुख्य अभियंता रामजीलाल और अधीक्षण अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया। वहीं, 20 सितंबर तक पात्र लोगों को प्रोविजनल अलॉट करने का समय सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है।
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अवैध कब्जों को खाली कराने के लिए बनाए गए थे फ्लैट
स्मार्ट सिटी में नगर निगम की हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर बस्तियां बनकर तैयार हो गई थीं। इस बढ़ते स्लम को रोकने के लिए सरकार ने योजना तैयार की थी। योजना के तहत स्लम में रहने वालों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट में शिफ्ट किया जाना था। वर्ष 2011 में फ्लैट बनने के बाद सूरजकुंड के लक्कड़पुर खोरी के 202 परिवारों को चिन्हित करके डबुआ कॉलोनी में शिफ्ट किया गया था। इसी तरह से बापू नगर वाले फ्लैटों में भी 149 परिवारों को भेजा गया था। बाकी दोनों जगहों पर 2545 फ्लैट खंडहर का रूप ले चुके हैं। इन फ्लैटों में कई लोगों ने अवैध रूप से भी कब्जा किया हुआ है।
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सफाई के काम में आई तेजी
खोरी के प्रभावित लोगों को जल्द फ्लैट दिए जा सकें, इसके लिए नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के साथ ही दोनों स्थानों पर साफ-सफाई का काम तेज कर दिया गया है। जेसीबी मशीन से गंदगी के ढेरों को साफ कराया जा रहा है। फ्लैटों में टूटे दरवाजे और शौचालयों की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
डबुआ कॉलोनी में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में ग्राउंड फ्लोर की हालत ज्यादा खराब है। इसलिए लोगों को पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट देने की तैयारी की जा रही है। इनमें दरवाजे, खिड़की और शौचालय टूटे हैं। उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। पहले करीब 150 लोगों को फ्लैट दिया जाएगा।
- रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम