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स्कूल बसों का किराया बढ़ने से अभिभावकों पर बोझ बढ़ा

Fri, 08 Apr 2022 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 11:03 PM IST
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Increased burden on parents due to increase in the fare of school buses
फरीदाबाद। सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती दर से छात्रों का स्कूल पहुंचना भी महंगा हो गया है। आलम यह है कि स्कूल बसों के साथ वैन संचालकों ने प्रति छात्र 150-200 रुपये मासिक किराया बढ़ा दिया है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि छात्रों को स्कूल भेजना मजबूरी है। ऐसे में क्या करें। किराया तो चुकाना ही पड़ेगा।
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फरीदाबाद में करीब 120 सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इसके अलावा 300 से अधिक हरियाणा बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। यहां करीब दो लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। दो-तीन किलोमीटर की दूरी वाले स्कूलों में पहुंचने के लिए भी बच्चे स्कूल बस या वैन का सहारा लेते हैं। छात्रों को स्कूल तक पहुंचाने और वापस घर तक लाने के एवज में स्कूल प्रबंधक व वैन चालक की ओर से मासिक किराया लिया जाता है। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल फीस के अलावा बस या वैन में हर माह 1000 से 1500 रुपये खर्च होता है, लेकिन सीएनजी, पेट्रोल के दर बढ़ने से प्रति छात्र 200 रुपये तक मासिक किराया बढ़ा दिया गया है।
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ग्रामीण क्षेत्रों से चलती हैं ज्यादातर वैन
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्कूल नहीं होने के कारण अभिभावक बच्चों को शहर में पढ़ाना पसंद करते हैं। ऐसे में स्कूल बस की सुविधा नहीं मिलने से निजी वैन का सहारा लेते हैं। मासिक किराया निर्धारित कर वैन द्वारा बच्चों को स्कूल पहुंचाया और वापस लाया जाता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के दौर में वैन का किराया बढ़ने से अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा दिल्ली स्थित सीमावर्ती क्षेत्रों से भी काफी संख्या में छात्र फरीदाबाद वैन से पढ़ने फरीदाबाद पहुंचते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी में दो साल बाद स्कूल खुले हैं। इसी बीच सरकार ने डीजल, पेट्रोल और सीएनजी का रेट बढ़ा दिया।
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सीएनजी, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण स्कूल बस व वैन का किराया बढ़ाना लाजमी है। कई स्कूलों ने यातायात शुल्क बढ़ा दिया है।
- एसएस गोसाईं, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेस
सीएनजी, पेट्रोल-डीजल की दर जरूर बढ़ रही है, लेकिन स्कूल प्रबंधकों को थोड़ा सोचना चाहिए कि अभिभावकों की आमदनी भी कम हुई है। ऐसे में स्कूल बस व स्कूल वैन का किराया बढ़ाना गलत है। बढ़े किराये से अभिभावकों की परेशानी बढ़ेगी।
- कैलाश शर्मा, प्रदेश महासचिव, हरियाणा अभिभावक एकता मंच
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सीएनजी का मूल्य बढ़ने से 500 रुपये तक वैन का किराया बढ़ गया है। महंगाई की मार से सभी प्रभावित हैं। मजबूरी में ऐसा करना पड़ा। - इकरार, वैन संचालक
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13 साल से वैन चला रहे हैं। सभी महंगाई से परेशान हैं, ऐसे में अभी वैन किराया नहीं बढ़ाया। इस बारे में अभिभावकों से बात करेंगे।
- जयपाल बत्रा, वैन संचालक
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