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Faridabad News: स्ट्रोक में हर मिनट अहम, समय पर इलाज से बच सकती है जान

Thu, 29 Oct 2026 01:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:02 AM IST
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In a stroke, every minute counts; timely treatment can save a life.
जिला नागरिक अस्पताल में नहीं है गंभीर मरीजों के उपचार की सुविधा
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निजी अस्पताल में हर माह पहुंच रहे 60 से 70 मरीज

निधि कुशवाहा

फरीदाबाद। दिमाग की नस में खून का थक्का जमने या नस फटने से होने वाला स्ट्रोक मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाने और स्थायी दिव्यांगता का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। इसके बावजूद फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग और ट्रॉमा सेंटर की उपलब्धता नहीं होने से गंभीर मरीजों के उपचार को लेकर चुनौती बनी हुई है। ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जबकि कुछ मामलों में उन्हें दिल्ली रेफर किया जाता है। वहीं, निजी अस्पताल में हर महीने स्ट्रोक से जुड़े 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

स्ट्रोक के दौरान दिमाग तक रक्त पहुंचाने वाली नस में रुकावट आने या नस फटने से मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इलाज में देरी होने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। निजी अस्पताल में सामने आए दो मामलों में विशेष प्रक्रियाओं के जरिए मरीजों का उपचार किया गया।
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केस स्टडी-1

शरीर के बाएं हिस्से में अचानक आई कमजोरी

71 वर्षीय महिला के शरीर के बाएं हिस्से में अचानक कमजोरी आ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में दिमाग के दाएं हिस्से की धमनी में खून का थक्का मिला। डॉक्टरों ने महिला का आईवी थ्रोम्बोलाइसिस और मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी से उपचार किया। इन प्रक्रियाओं के जरिये थक्के को हटाया गया। उपचार के बाद महिला की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। सात दिन बाद वह अपने पैरों पर चलकर घर गई।
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केस स्टडी-2


चक्कर आने पर जांच में बेसिलर आर्टरी में मिला प्लाक

52 वर्षीय व्यक्ति चक्कर आने की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। जांच में दिमाग के पिछले हिस्से तक रक्त पहुंचाने वाली बेसिलर आर्टरी में प्लाक का पता चला। डॉक्टरों ने बेसिलर आर्टरी स्टेंटिंग के जरिये रक्त प्रवाह सुचारु करने का उपचार किया। समय पर उपचार मिलने से संभावित गंभीर स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद मिली। निजी अस्पताल के डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि स्ट्रोक के मरीजों के लिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है।






हाथ-पैर में कमजोरी को न करें नजरअंदाज

स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन, बोलने अथवा बात समझने में परेशानी और अचानक संतुलन बिगड़ना शामिल हैं। कुछ मरीजों को अचानक देखने में परेशानी भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार करने या अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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