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चिकित्सीय उपकरणों के निर्यात पर भी असर, छह करोड़ का नुकसान
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फरीदाबाद। रूस-यूक्रेन युद्ध ने चिकित्सीय उपकरणों के कारोबार भी असर डाला है। फरीदाबाद के उद्यमियों की मानें तो यहां से इन दोनों देशों को भारी मात्रा में सीरींज, कैनुला व अन्य उपकरण निर्यात किए जाते हैं, लेकिन अब ऑर्डर रोक दिए गए हैं। इससे औद्योगिक नगरी को इस उत्पाद में बीते एक हफ्ते के अंदर पांच से छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इससे उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है।
फरीदाबाद में 24 हजार के आसपास छोटी-बड़ी इकाइयां है। इनमें से तीन इकाइयों में चिकित्सीय उपकरण तैयार किए जाते हैं। इनको यूरोपीय देशों के साथ यूक्रेन व रूस में भी निर्यात किया जाता है। उद्यमियों के अनुसार, इन दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव और जारी युद्ध से ऑर्डर रद्द किए जा रहे हैं। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों ने बताया कि इससे फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र को बीते एक हफ्ते के अंदर पांच से छह करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान का अनुमान है।
उद्यमियों ने बताया कि अगर युद्ध लंबा चला और जिस तरह से रूस पर अंतराष्ट्रीय प्रतिबंध लग रहे हैं। इससे वहां कारोबार करना मुश्किल होगा क्योंकि वहां के कारोबारी निर्यात किए जाने वाले उपकरणों का भुगतान करने में असमर्थ होंगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा। उद्यमियों को यह भी चिंता है कि भेजे गए उपकरणों का भुगतान समय पर होगा कि नहीं।
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यूक्रेन में फंसे कंटेनर
बायोमेड कंपनी ने कुछ दिन पहले चिकित्सीय उपकरणों से भरे दो कंटेनर यूक्रेन भेजे थे। कंटेनर पोर्ट पर फंसे हैं। ऐसे में रूस द्वारा तेज किए गए हमले से उद्यमियों को डर है कि कहीं उनके उपकरण भी हमले का शिकार न हो जाएं। ऐसे में उन्हें करोड़ों के नुकसान का डर सता रहा है।
दोनों देशों के तनाव से चिकित्सीय उपकरण का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। ऑर्डर रद्द हो रहे हैं। इसके अलावा दो कंटेनर यूक्रेन के पोर्ट पर फंसे हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है।
- दीपक अरोड़ा, महानिदेशक बायोमेड
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में वैश्विक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी उतना असर नहीं है।
- श्रीराम अग्रवाल, उद्यमी
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फरीदाबाद में 24 हजार के आसपास छोटी-बड़ी इकाइयां है। इनमें से तीन इकाइयों में चिकित्सीय उपकरण तैयार किए जाते हैं। इनको यूरोपीय देशों के साथ यूक्रेन व रूस में भी निर्यात किया जाता है। उद्यमियों के अनुसार, इन दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव और जारी युद्ध से ऑर्डर रद्द किए जा रहे हैं। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों ने बताया कि इससे फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र को बीते एक हफ्ते के अंदर पांच से छह करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान का अनुमान है।
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उद्यमियों ने बताया कि अगर युद्ध लंबा चला और जिस तरह से रूस पर अंतराष्ट्रीय प्रतिबंध लग रहे हैं। इससे वहां कारोबार करना मुश्किल होगा क्योंकि वहां के कारोबारी निर्यात किए जाने वाले उपकरणों का भुगतान करने में असमर्थ होंगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा। उद्यमियों को यह भी चिंता है कि भेजे गए उपकरणों का भुगतान समय पर होगा कि नहीं।
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यूक्रेन में फंसे कंटेनर
बायोमेड कंपनी ने कुछ दिन पहले चिकित्सीय उपकरणों से भरे दो कंटेनर यूक्रेन भेजे थे। कंटेनर पोर्ट पर फंसे हैं। ऐसे में रूस द्वारा तेज किए गए हमले से उद्यमियों को डर है कि कहीं उनके उपकरण भी हमले का शिकार न हो जाएं। ऐसे में उन्हें करोड़ों के नुकसान का डर सता रहा है।
दोनों देशों के तनाव से चिकित्सीय उपकरण का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। ऑर्डर रद्द हो रहे हैं। इसके अलावा दो कंटेनर यूक्रेन के पोर्ट पर फंसे हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है।
- दीपक अरोड़ा, महानिदेशक बायोमेड
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में वैश्विक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी उतना असर नहीं है।
- श्रीराम अग्रवाल, उद्यमी