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बीके अस्पताल में बेड नहीं तो बेंच पर ही हो रहा इलाज

Fri, 01 Oct 2021 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 11:21 PM IST
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If there is no bed, then treatment starts on the bench itself.
फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल में मरीजों को बैड नही मिलने पर बाहर बैंच पर लेटे मरीज । - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। जिले में डेंगू-मलेरिया और डायरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। बीके अस्पताल की स्थिति ऐसी है कि रोगियों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें फिलहाल परिसर की बेंच पर ही अपना इलाज शुरू करवाना पड़ रहा है। ओपीडी में भी लंबी लाइन लग रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को डेंगू के तीन और मलेरिया का एक नया मामला सामने आया है। वहीं, चार दिन बाद कोरोना के भी तीन नए केस मिले हैं।
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उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि जिले में अब डेंगू के मामलों की संख्या 117 हो गई है। जबकि, मलेरिया के कुल नौ मरीज हो गए हैं। बताया कि लगातार एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जा रही हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लार्वा मिलने के चलते स्वास्थ्य विभाग अभी तक 2500 से अधिक लोगों को नोटिस भी जारी कर चुका है। बीके अस्पताल में महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड बने हैं। इसमें पुरुषों के वार्ड में तीन मरीज भर्ती है। अब उसमें जगह नहीं है। वहीं, महिला वार्ड में एक महिला भर्ती है। प्राइवेट अस्पतालों में भी डेंगू व वायरल के मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
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बढ़ते बीमारी को लेकर हुई बैठक
डेंगू-मलेरिया नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुक्रवार को एनआईटी स्थित गोल्फ क्लब में बैठक हुई। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रामभगत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी एसएमओ व स्वास्थ्य केंद्रों के मेडिकल ऑफिसरों ने भाग लिया। डिप्टी सीएमओ डॉ. राम भगत ने बताया कि डेंगू-मलेरिया नियंत्रण को लेकर सभी को जरूरी दिशा निर्देश दिए। एंटीलार्वा एक्टिविटी प्राथमिकता के आधार पर चलाने को कहा है। लार्वा मिलता है तो नोटिस देने व जुर्माने का काम किया जाए। जिन भी जगहों से डेंगू व मलेरिया के मरीज आ रहे हैं, नगर निगम के साथ मिलकर फॉगिंग कराना भी सुनिश्चित करें। पार्कों, खाली जगहों, सार्वजनिक स्थानों व कार्यालयों में संबंधित विभागों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाए जाए। चिकित्साधिकारी अपने क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए नोडल अधिकारी हैं। ट्यूबवेलों पर होने वाली वाटर सप्लाई की भी जांच करें। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरीश आर्य, एसएमओ डॉ. हरजिंदर सिंह व डॉ. मान सिंह के साथ अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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रविवार को ड्राई डे मनाएं
उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं दिनों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और ज्यादातर लोग इसका शिकार हो जाते हैं। ब्रीडिंग चेकर, फील्ड वर्कर द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया उन्मूलन संबंधी जांच की जा रही है। हर रविवार को ड्राई डे (शुष्क दिवस) के रूप में मनाएं।

शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक डेंगू के मरीज
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, डबुआ कॉलोनी व सेक्टर-23 से नौ-नौ, सेक्टर-21डी व एसजीएम नगर से सात-सात और संजय कालोनी से चार, एनआइटी चार, सेक्टर-16 व 16ए, 17 से तीन-तीन डेंगू के मामले पाए गए है।
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