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पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो मेरे बेटा जिंदा होता, 14 वर्षीय श्याम की हत्या मामले में परिजनों ने लगाए आरोप
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फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल शवगृह के बाहर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन स्कूल के छात्र ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय श्याम की हत्या मामले में शुक्रवार को परिजनों और छात्रों ने बीके अस्पताल में पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उनका बेटा जिंदा होता। श्याम के पिता लोकनाथ का कहना है कि उनका बेटा 13 दिसंबर से लापता था। उन्होंने उसी दिन पुलिस को शिकायत दे दी थी। आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। बार बार जब परिजन थाने में जाकर उसके बारे में पूछताछ करने लगे तो पुलिस ने श्याम की तलाश शुरू की। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले और ऑटो चालक उपेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर कई घंटे तक नारेबाजी की। मामले की सूचना पाकर एसीपी बड़खल सुखबीर सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल अस्पताल में मौजूद रहा। श्याम के साथ पढ़ने वाले छात्र हाथों में तख्ती लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और उसके परिजनों को जल्द न्याय दिलाने की बात कही। एसीपी सुखबीर सिंह ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा।
डबुआ कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय श्याम आठवीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता लोकनाथ एक फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। 13 दिसंबर को उन्होंने डबुआ थाने में बेटे श्याम की गुमशुदगी की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 11 बजे श्याम का एक दोस्त उसे बुलाकर ले गया था। उसका दोस्त भी परिवार सहित गायब है। पकड़े गए ऑटो चालक ने पुलिस को बताया कि श्याम के दोस्त और उसके पिता ने ही हत्या कर शव खालसा गार्डन के पीछे फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपी ने खालसा गार्डन में आयोजित शादी समारोह में चाट की रेहड़ी भी लगाई थी। मामले की जांच थाना पुलिस सहित क्राइम ब्रांच डीएलएफ कर रही है। आरोपियों की तलाश में एक टीम बिहार भी गई है।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर कई घंटे तक नारेबाजी की। मामले की सूचना पाकर एसीपी बड़खल सुखबीर सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल अस्पताल में मौजूद रहा। श्याम के साथ पढ़ने वाले छात्र हाथों में तख्ती लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और उसके परिजनों को जल्द न्याय दिलाने की बात कही। एसीपी सुखबीर सिंह ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा।
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डबुआ कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय श्याम आठवीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता लोकनाथ एक फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। 13 दिसंबर को उन्होंने डबुआ थाने में बेटे श्याम की गुमशुदगी की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 11 बजे श्याम का एक दोस्त उसे बुलाकर ले गया था। उसका दोस्त भी परिवार सहित गायब है। पकड़े गए ऑटो चालक ने पुलिस को बताया कि श्याम के दोस्त और उसके पिता ने ही हत्या कर शव खालसा गार्डन के पीछे फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपी ने खालसा गार्डन में आयोजित शादी समारोह में चाट की रेहड़ी भी लगाई थी। मामले की जांच थाना पुलिस सहित क्राइम ब्रांच डीएलएफ कर रही है। आरोपियों की तलाश में एक टीम बिहार भी गई है।
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