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लापरवाही बरती तो होंगे चिल्ली गांव जैसे हालात
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फरीदाबाद। पलवल जिले के होडल तहसील स्थित गांव चिल्ली में इन दिनों बुखार जमकर कहर बरपा रहा है। गांव में बच्चों सहित कई मरीजों की मौत हो चुकी हैं। पड़ोसी जिले की तरह फरीदाबाद में भी डेंगू और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के लिए कई जगह हॉटस्पॉट बन गए हैं। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सर्वे कर घर-घर लोगों के बुखार का प्रोफाइल लेगा। रक्त जांच कर डेंगू की स्थिति जांचेगा। हालांकि पलवल में यह विकल्प अपनाया जा चुका है, इससे स्थिति में कोई सुधार अब तक देखने को नहीं मिला। वहीं बुधवार को छह डेंगू के नए मरीज मिले हैं।
फील्ड में पहले मच्छर तलाशेंगे कर्मचारी
बढ़ते मामलों पर लगाम के लिए मच्छरों का ब्रीडिंग स्त्रोत हटाना जरूरी है। इस तर्क के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फील्ड सर्वे की तैयारी में हैं। सर्वे में घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा ढूंढे जाएंगे। इस दौरान संवेदनशील एरिया में बुखार के मामलों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संबंधित मरीजों की जांच कर बुखार का कारण तलाशा जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि संवेदनशील एरिया के साथ सर्वे की शुरुआत की जाएगी। सर्वाधिक मामले जहां से मिले हैं, पहले वहां की पूरी आबादी की सैंपलिंग व एरिया में लार्वा ढूंढा जाएगा। इसके बाद उपचार संबंधी जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। लगातार संबंधित क्षेत्र का फॉलोअप किया जाएगा। परिणामों को मुताबिक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
छह नए मामलों की पुष्टि, अब तक कुल 82
जिले में एनआईटी, एसजीएम नगर, सेक्टर-23 संजय कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी जैसे इलाके डेंगू के हॉटस्पॉट बन गए हैं। यहां से हर दिन नए मामले मिल रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर छह नए मामले सामने आए। विभागीय दावे हैं कि नए मामले अस्पताल में भर्ती होने की हालत में नहीं पहुंचे। उनका इलाज फिलहाल घर पर ही जारी है। वहीं, संजय कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय युवती को बीके अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जिले में अब तक कुल 82 मामले सामने आ गए हैं। बीते एक सप्ताह में ही मामले तीन गुना बढ़े हैं।
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वर्जन-
छह नए मामले सामने आए हैं। हॉटस्पॉट एरिया में सर्वे कर बुखार पीड़ितों की समय पर जांच व उपचार किया जाएगा। लार्वा ढूंढकर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। टीम पहले दिन से फील्ड में है, रणनीति में सुधार व लोगों को जागरूक कर स्थिति पर काबू पाया जाएगा। - डॉ. रामभगत, उप चिकित्सा अधिकारी
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फील्ड में पहले मच्छर तलाशेंगे कर्मचारी
बढ़ते मामलों पर लगाम के लिए मच्छरों का ब्रीडिंग स्त्रोत हटाना जरूरी है। इस तर्क के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फील्ड सर्वे की तैयारी में हैं। सर्वे में घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा ढूंढे जाएंगे। इस दौरान संवेदनशील एरिया में बुखार के मामलों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संबंधित मरीजों की जांच कर बुखार का कारण तलाशा जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि संवेदनशील एरिया के साथ सर्वे की शुरुआत की जाएगी। सर्वाधिक मामले जहां से मिले हैं, पहले वहां की पूरी आबादी की सैंपलिंग व एरिया में लार्वा ढूंढा जाएगा। इसके बाद उपचार संबंधी जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। लगातार संबंधित क्षेत्र का फॉलोअप किया जाएगा। परिणामों को मुताबिक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
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छह नए मामलों की पुष्टि, अब तक कुल 82
जिले में एनआईटी, एसजीएम नगर, सेक्टर-23 संजय कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी जैसे इलाके डेंगू के हॉटस्पॉट बन गए हैं। यहां से हर दिन नए मामले मिल रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर छह नए मामले सामने आए। विभागीय दावे हैं कि नए मामले अस्पताल में भर्ती होने की हालत में नहीं पहुंचे। उनका इलाज फिलहाल घर पर ही जारी है। वहीं, संजय कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय युवती को बीके अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जिले में अब तक कुल 82 मामले सामने आ गए हैं। बीते एक सप्ताह में ही मामले तीन गुना बढ़े हैं।
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वर्जन-
छह नए मामले सामने आए हैं। हॉटस्पॉट एरिया में सर्वे कर बुखार पीड़ितों की समय पर जांच व उपचार किया जाएगा। लार्वा ढूंढकर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। टीम पहले दिन से फील्ड में है, रणनीति में सुधार व लोगों को जागरूक कर स्थिति पर काबू पाया जाएगा। - डॉ. रामभगत, उप चिकित्सा अधिकारी