ऐसे हालात में कैसे बनेगा नेशनल हाईवे, बाईपास नहीं बन पाया पुराने हाईवे का विकल्प
- 25 किलोमीटर लंबे बाईपास को नेशनल हाईवे घोषित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा
- 130 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया बाईपास नहीं बन पाया पुराने हाईवे का विकल्प
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एनएच-2 (दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे) पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बाईपास प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। करीब 130 करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट पर खर्च किए गए, लेकिन आज तक बाईपास रोड नेशनल हाईवे का विकल्प नहीं बन सका है।
लेटलतीफी के चलते इस प्रोजेक्ट का काम काफी देरी से पूरा हो पाया। इसके बाद भी करीब 25 किलोमीटर लंबे बाईपास की हालत दयनीय है। बाईपास को अब नेशनल हाईवे का दर्जा दिलाने की तैयारी की जा रही है। लेकिन मौजूदा हालात में नेशनल हाईवे का दर्जा दिए जाने की मांग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
खराब हैं ट्रैफिक लाइट
खराब हैं ट्रैफिक लाइट
यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बाईपास के सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे, लेकिन जानकर हैरानी होगी की लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए सिग्नल शोपीस बने हुए हैं। यहां से गुजरने वालों ने शायद ही कभी इन सिग्नलों को सुचारू रूप से काम करते देखा होगा।
जगह-जगह बने है गड्ढे
बल्लभगढ़ से लेकर बदरपुर तक बाईपास पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। सड़क की हालत जर्जर है, जबकि इसे बने अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। खराब सड़क की वजह से आए दिन हादसे होते हैं। ऐसा नही है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। सब कुछ पता होते हुए भी सुधार के लिए कदम नहीं उठाए गए।
दिशा सूचक बोर्ड नहीं
हाईवे पर जाम से बचने के लिए बाईपास का विकल्प अपनाना आसान नहीं है। इस रास्ते से मंजिल तक पहुंचना बेहद मुश्किल साबित होता है, क्योंकि बाईपास पर कहीं भी दिशा सूचक बोर्ड नहीं लगे हैं। 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कई सेक्टर हैं लेकिन दिशा सूचक बोर्ड न होने से इनकी पहचान नहीं हो पाती।
सड़कों पर घुमते है मवेशी
सड़कों पर घुमते है मवेशी
बाईपास रोड़ मवेशियों की चारागाह बन गया है। सड़क पर दिन रात टहलते मवेशियों की वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्लम बना आफत
बाईपास रोड पर निर्माण हैं। जिससे इससे हाईवे बनाने की योजना को झटका लग सकता है। बाईपास पर स्लम एरिया भी है। स्लम की जगह फ्लैट भी सरकार ने दिए, लेकिन स्लम जस का तस बना हुआ है।
बाईपास को नेशनल हाईवे का दर्जा दिलाने के लिए हमने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है। राज्य की तरफ से केंद्र को जल्द ही प्रस्ताव सौंपा जाएगा। नेशनल हाईवे बनने से शहर को नई पहचान मिलेगी। -कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं स्थानीय सांसद।