फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Hospital itself 'sick'...how to be 'clean' treatment

अस्पताल खुद ‘बीमार’...कैसे हो ‘स्वच्छ’ उपचार

Sat, 09 Apr 2022 10:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 10:54 PM IST
विज्ञापन
Hospital itself 'sick'...how to be 'clean' treatment
बीके नागरिक अस्पताल में पसरी गंदगी के बीच भर्ती महिला मरीज। - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। अनुबंध कर्मियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। बीके नागरिक अस्पताल में शनिवार को गंदगी के बीच मरीजों को भर्ती किया गया। प्रथम तल स्थित जच्चा-बच्चा वार्ड, इमरजेंसी कक्ष जैसे स्थान पर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंदगी हावी नजर आई। आलम यह रहा कि मरीजों को अस्पताल में ही संक्रमण का डर सताने लगा है। इस बीच डॉक्टर भी यह मान रहे हैं कि यदि हड़ताल लंबी चली तो अस्पताल में संक्रमण फैलते देर नहीं लगेगी।
विज्ञापन

अनुबंध के तहत भर्ती स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। ऐसे में लगातार चौथे दिन बीके नागरिक अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अस्पताल परिसर में गंदगी के ढेर लगे रहे। स्वास्थ्य कर्मी मुंह ढककर बढ़ती गंदगी के बीच काम करते दिखे। अस्पताल में नियमित सेवा देने वाले सफाई कर्मचारी भी गिनती के हैं। कुल चार में से एक कर्मचारी को मोर्चरी (शवगृह) में ड्यूटी पर लगाया गया है। शेष कर्मचारी शिफ्ट अनुसार अस्पताल की सफाई व्यवस्था संभालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद हालात काबू नहीं हो रहे हैं। इमरजेंसी (आपातकालीन कक्ष) में घुसते ही कर्मचारियों की कमी खल रही है। शनिवार को एक महिला मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। इस दौरान महिला के साथ उसकी किशोर बेटी तीमारदार के रूप में मौजूद रही। महिला की हालत बिगड़ते देख किशोरी घबरा गई। इधर, सहायता के लिए कोई अस्पताल कर्मी मौजूद नहीं था। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण किशोरी स्वयं मां का ऑक्सीजन मास्क संभालती रही। इमरजेंसी में सेवारत नर्स अन्य मरीजों के उपचार में व्यस्त रहीं। ऐसे में किशोरी ने घर फोन कर अन्य तीमारदारों से कहा कि किसी रिश्तेदार को मदद के लिए भेज दो, अस्पताल में कोई देखभाल के लिए नहीं है। इसी तरह प्रथम तल पर भर्ती जच्चा-बच्चा के उपचार के लिए तो स्टाफ मौजूद रहा, लेकिन सहायक के रूप में कोई कर्मचारी अस्पताल प्रबंधन के पास उपलब्ध नहीं दिखा। ऐसे में एक मरीज के साथ कम से कम तीन तीमारदार अस्पताल में नजर आए। इस कारण गंदगी और कुप्रबंधन व्यवस्था पर हावी नजर आया।
विज्ञापन

शौचालय जाने से कतराते नजर आए मरीज
अस्पताल में सफाई कर्मियों की कमी से अब शौचालय और वाशबेसिन ओवरफ्लो होते नजर आए। ऐसे में कई मरीज शौचालय जाने से ही कतराते नजर आए। प्रथम तल पर भर्ती जच्चा सुशीला ने बताया कि शौचालय में इतनी गंदगी है कि वह उल्टी करने पर मजबूर हो गईं। ऐसे में उसने तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों से प्रार्थना कर उसे घर जाने की अनुमति देने की बात कही। सुशीला ने कहा कि वह घर जाकर ही शौचालय इस्तेमाल करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सफाई के लिए परेशानी है। कुछ कर्मचारियों से प्रबंधन किया जा रहा है। लंबी हड़ताल चलने पर परेशानी बढ़ सकती है। - डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed