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अरावली में बने फार्म हाउस और जमाई कॉलोनी में मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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फरीदाबाद सूरजकुंड रोड पर बने फार्म हाउस ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। अरावली वन भूमि पर बने फार्म हाउस, कॉलोनी और अन्य अवैध निर्माण मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। कोर्ट के नए आदेश पर नगर निगम और वन विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। इसके लिए दोनों विभागों ने तैयारी कर ली है।
अरावली में वन विभाग की करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण बने हुए हैं। इसमें फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, सोसाइटियां, होटल, गौशाला और धार्मिक स्थल शामिल हैं। हालांकि, इनमें से कई शिक्षण संस्थानों ने नगर निगम में चेंज लैंड यूज (सीएलयू) के लिए आवेदन किया हुआ है। कई शिक्षण संस्थानों को सीएलयू मिल भी चुका है। कुछ ऐसे फार्म हाउस भी हैं जिनके पास सीएलयू नहीं है। नगर निगम और वन विभाग की ओर से पिछले दिनों फार्म हाउसों में तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। इसके बाद निगम ने अरावली में वन विभाग की जमीन पर बनी अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की तैयारी की है। इनमें गुरुकुल इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, महालक्ष्मी डेरा, जमाई कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी स्थित अरावली विहार क्षेत्र शामिल है।
नगर निगम ने पिछले सप्ताह महालक्ष्मी डेरा में तोड़फोड़ के बाद जमाई कॉलोनी में पीला पंजा चला दिया था। अब कॉलोनी में तोड़फोड़ कार्रवाई रुकवाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर फार्म हाउस मामले के साथ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। लोगों ने कहा कि उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जरूर राहत मिलेगी। जब फार्म हाउस टूटने से बच सकते हैं तो गरीबों के मकान भी बच सकते हैं।
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अरावली में वन विभाग की करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण बने हुए हैं। इसमें फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, सोसाइटियां, होटल, गौशाला और धार्मिक स्थल शामिल हैं। हालांकि, इनमें से कई शिक्षण संस्थानों ने नगर निगम में चेंज लैंड यूज (सीएलयू) के लिए आवेदन किया हुआ है। कई शिक्षण संस्थानों को सीएलयू मिल भी चुका है। कुछ ऐसे फार्म हाउस भी हैं जिनके पास सीएलयू नहीं है। नगर निगम और वन विभाग की ओर से पिछले दिनों फार्म हाउसों में तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। इसके बाद निगम ने अरावली में वन विभाग की जमीन पर बनी अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की तैयारी की है। इनमें गुरुकुल इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, महालक्ष्मी डेरा, जमाई कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी स्थित अरावली विहार क्षेत्र शामिल है।
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नगर निगम ने पिछले सप्ताह महालक्ष्मी डेरा में तोड़फोड़ के बाद जमाई कॉलोनी में पीला पंजा चला दिया था। अब कॉलोनी में तोड़फोड़ कार्रवाई रुकवाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर फार्म हाउस मामले के साथ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। लोगों ने कहा कि उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जरूर राहत मिलेगी। जब फार्म हाउस टूटने से बच सकते हैं तो गरीबों के मकान भी बच सकते हैं।
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