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यमुना किनारे के गांवों में नहीं मिल रहे झोलाछाप डॉक्टर

Mon, 17 May 2021 10:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 10:28 PM IST
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Haemorrhoids are not available in villages along the banks of Yamuna
बल्लभगढ़। ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण फैलने लगा है। फरीदाबाद के 10 फीसदी मामले ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। ऐसे में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं की दरकार खलने लगी है। वहीं, समय-समय पर लोगों का इलाज करने वाले झोलाछाप तक यमुना किनारे बसे दूरदराज के गांवों से नदारद हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीण कोरोना जांच के लिए सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रोें पर पहुंचने लगे हैं। इन दिनों औसतन 300 जांच इन इलाकों में हो रही है।
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वहीं अब टीकाकरण के लिए भी पहले से अधिक लोग सामने आ रहे हैं। सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि झोलाछाप गायब हुए तो लोगों ने सही तरीके से जांच और इलाज का तरीका अपनाया है। वहीं इन दिनों गांवों में बीएएमएस चिकित्सकों ने ग्रामीणों से दूरी बना ली है, जबकि वहां स्थित एमबीबीएस डॉक्टर ग्रामीणों को पहले कोरोना जांच की सलाह दे रहें हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 34 गावों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए बनाई गई सीएचसी के अंतर्गत आने वाले गांवों में जहां पहले कोरोना को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे थे, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के बीच कोरोना जांच व टीकाकरण को लेकर जागरूक हुए हैं। पहले मास्क से गुरेज करने वाले लोग इन दिनों सैनिटाइजर के साथ नजर आ रहे हैं। जिले को कौराली स्थित सामुदायिक केंद्र पर हर दिन सौ से अधिक लोग जांच व टीकाकरण के लिए पहुुंच रहे हैं। तिगांव सीएचसी में रोजाना डेढ़ सौ से दो सौ ग्रामीण अपनी जांच करा रहे हैं। यहां पहुंचने वाले तमाम लोगों के लिए जांच आवश्यक रखी गई है चाहे वह किसी कार्य के लिए अस्पताल में पहुंचा हो।
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एमबीबीएस दे रहे सलाह, जरूर कराएं कोरोना जांच
गांवों में निजी रूप से प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर शहरी परिवेश से निकलकर लोगों को इलाज देने पहुंचते हैं। कस्बों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे एमबीबीएस चिकित्सक ग्रामीणों को कोरोना के चलते कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही सोशल डिस्टेसिंग में रह कर उपचार कर रहे हैं। वहीं वे बुखार के मरीजों को भी सीधा राजकीय अस्पताल जाने की सलाह देते दिखाई दे रहे हैं।
वर्जन-
ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के प्रचार-प्रसार से ग्रामीणो में जागरूकता आई है जहां पहले ग्रामीण जांच और वैक्सीनेशन से दूरी बनाएं हुए थे, वहीं अब अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक ग्रामीणों की जांच व टीकाकरण किया जा रहा है। सोमवार दोपहर तक 165 लोगों की जांच व 152 का टीकाकरण किया गया है। - डॉ. विजय मलिक, एसएमओ कुराली

तिगावं अस्पताल में हमने पहुंचने वाले लोगों के लिए कोरोना रैपिड जांच अनिवार्य किया हुआ है। वहीं ग्रामीणों में कोरोना को लेकर काफी जागरूकता है। जहां हम रोजाना दौ सौ जांच कर रहे है। वहीं सोमवार को 156 लोगों की रैपिड जांच और 247 का टीकाकरण किया गया है।
- डॉ. अजय गोयल, तिगांव सीएचसी
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