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Faridabad News: अतिथि अध्यापकों ने मंत्रियों से लगाई नियमितीकरण की गुहार
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नियमितीकरण की मांग को लेकर मंत्री विपुल गोयल को ज्ञापन सौंपते अतिथि शिक्षक। स्त्रोत- शिक्षक
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर जल्द प्रक्रिया पूरी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापकों ने रविवार को सरकार पर दबाव बढ़ाया। जिला प्रधान रघु वत्स के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक पहले राज्यमंत्री राजेश नागर के भतौला स्थित आवास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके बाद उन्होंने मंत्री विपुल गोयल के सागर सिनेमा स्थित कार्यालय पहुंचकर भी अपनी मांग रखी।
अतिथि अध्यापकों ने मंत्रियों को हाईकोर्ट के हालिया आदेश की जानकारी देते हुए कहा कि अब सरकार को बिना देरी किए नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार के उस वायदे की भी याद दिलाई, जिसमें अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का भरोसा दिया गया था। मंत्री विपुल गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार जल्द इस दिशा में कदम उठाएगी।
अध्यापकों के अनुसार, 25 मई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2014 से सभी सुविधाएं देने और दो माह में नियमित करने का आदेश दिया था। सरकार ने इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी, लेकिन 6 अगस्त को डबल बेंच ने भी एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा। इस फैसले के बाद अतिथि अध्यापकों में उम्मीद बढ़ी है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे अध्यापकों और उनके परिवारों को अब स्थायी नौकरी का इंतजार है। उन्होंने सरकार से कोर्ट के आदेश के मुताबिक समय पर कार्रवाई की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापकों ने रविवार को सरकार पर दबाव बढ़ाया। जिला प्रधान रघु वत्स के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक पहले राज्यमंत्री राजेश नागर के भतौला स्थित आवास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके बाद उन्होंने मंत्री विपुल गोयल के सागर सिनेमा स्थित कार्यालय पहुंचकर भी अपनी मांग रखी।
अतिथि अध्यापकों ने मंत्रियों को हाईकोर्ट के हालिया आदेश की जानकारी देते हुए कहा कि अब सरकार को बिना देरी किए नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार के उस वायदे की भी याद दिलाई, जिसमें अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का भरोसा दिया गया था। मंत्री विपुल गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार जल्द इस दिशा में कदम उठाएगी।
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अध्यापकों के अनुसार, 25 मई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2014 से सभी सुविधाएं देने और दो माह में नियमित करने का आदेश दिया था। सरकार ने इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी, लेकिन 6 अगस्त को डबल बेंच ने भी एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा। इस फैसले के बाद अतिथि अध्यापकों में उम्मीद बढ़ी है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे अध्यापकों और उनके परिवारों को अब स्थायी नौकरी का इंतजार है। उन्होंने सरकार से कोर्ट के आदेश के मुताबिक समय पर कार्रवाई की मांग की।
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