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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध निर्माणों को बचा रही सरकार: विधायक
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण के बीच आ रहे अवैध निर्माणों को बचाने के चक्कर में सरकार जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही है। अवैध निर्माणों को बचाने के लिए एक्सप्रेसवे के अलाइमेंट में बदलाव किया गया। जिससे सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हुई। यह आरोप कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सरकार पर लगाए हैं।
विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सरकार जनता के करोड़ों रुपये का नुकसान कर रही है। मार्च 2021 में विधानसभा सत्र में उन्होंने दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेसवे निर्माण में हो रहे गोलमाल का मामला उठाया था। जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा यह कहकर अस्वीकृत कर दिया था कि विभाग का जवाब संतोषजनक है। जबकि, हरियाणा शहरी प्राधिकरण विभाग के मुख्य प्रशासक द्वारा मार्च 2021 में हरियाणा विधानसभा सचिव को दिए गए लिखित जवाब में विभाग ने माना हैं कि एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 13-14 विभाजन मार्ग, बीपीटीपी चौक से सेक्टर 8-9 विभाजन मार्ग पर अवैध निर्माण हैं। अवैध निर्माण को हटाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक ने कहा की विभाग द्वारा सदन में जवाब दिया गया है की उक्त अवैध निर्माणों को हटाने का कार्य जारी है लेकिन अवैध निर्माणों को बचाने के लिए सरकार ने अलाइमेंट में बदलाव किया। जिसके कारण सीवर लाइन की लाइनों को शिफ्ट करने लिए एनएचएआई और एचएसवीपी दोनों विभाग एक दूसरे पर डाल रहे है। विधायक ने कहा कि कि उन्होंने इस मामले में पहले कई बार मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, एनएचएआई की अध्यक्ष को अवगत करवाया था, लेकिन, किसी ने नहीं सुनी। जबकि, तत्कालीन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा था कि अगर रूट में अलाईमेंट बदलाव किया गया तो लाईनोें को शिफ्ट करना पड़ेगा, लेकिन पता नहीं सरकार ने किसके दबाव में अलाईमेंट को बदला और अवैध निर्माणों को ऐसे ही छोड़ दिया, जिसका खमियाजा सेक्टर के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
काम पूरा होने में हो रही देरी-
फरीदाबाद से गुजर रहे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के लिंक रोड का निर्माण 2021 में शुरू किया गया था। ठेकेदार को 24 माह में निर्माण पूरा करके एनएचएआई को सौंपना है। इसके लिए सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं, रोड को चौड़ा कर 12 लेन किया जा रहा है। रोड को चौड़ा करने के लिए एनएचएआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़ी जमीन मांगी हुई है। अधिकतर जगहों पर जमीन एनएचएआई को दे दी गई है और वहां पर रोड को चौड़ा करने का काम चल रहा है, लेकिन ,मौके पर अभी जमीन पर अवैध कब्जे, पेट्रोल पंप, झुग्गी और ट्यूबवेल लगे हुए हैं। यही नहीं यहां बिजली की लाइनें भी अभी तक नहीं हटाई जा सकी हैं।
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फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण के बीच आ रहे अवैध निर्माणों को बचाने के चक्कर में सरकार जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही है। अवैध निर्माणों को बचाने के लिए एक्सप्रेसवे के अलाइमेंट में बदलाव किया गया। जिससे सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हुई। यह आरोप कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सरकार पर लगाए हैं।
विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सरकार जनता के करोड़ों रुपये का नुकसान कर रही है। मार्च 2021 में विधानसभा सत्र में उन्होंने दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेसवे निर्माण में हो रहे गोलमाल का मामला उठाया था। जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा यह कहकर अस्वीकृत कर दिया था कि विभाग का जवाब संतोषजनक है। जबकि, हरियाणा शहरी प्राधिकरण विभाग के मुख्य प्रशासक द्वारा मार्च 2021 में हरियाणा विधानसभा सचिव को दिए गए लिखित जवाब में विभाग ने माना हैं कि एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 13-14 विभाजन मार्ग, बीपीटीपी चौक से सेक्टर 8-9 विभाजन मार्ग पर अवैध निर्माण हैं। अवैध निर्माण को हटाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक ने कहा की विभाग द्वारा सदन में जवाब दिया गया है की उक्त अवैध निर्माणों को हटाने का कार्य जारी है लेकिन अवैध निर्माणों को बचाने के लिए सरकार ने अलाइमेंट में बदलाव किया। जिसके कारण सीवर लाइन की लाइनों को शिफ्ट करने लिए एनएचएआई और एचएसवीपी दोनों विभाग एक दूसरे पर डाल रहे है। विधायक ने कहा कि कि उन्होंने इस मामले में पहले कई बार मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, एनएचएआई की अध्यक्ष को अवगत करवाया था, लेकिन, किसी ने नहीं सुनी। जबकि, तत्कालीन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा था कि अगर रूट में अलाईमेंट बदलाव किया गया तो लाईनोें को शिफ्ट करना पड़ेगा, लेकिन पता नहीं सरकार ने किसके दबाव में अलाईमेंट को बदला और अवैध निर्माणों को ऐसे ही छोड़ दिया, जिसका खमियाजा सेक्टर के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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काम पूरा होने में हो रही देरी-
फरीदाबाद से गुजर रहे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के लिंक रोड का निर्माण 2021 में शुरू किया गया था। ठेकेदार को 24 माह में निर्माण पूरा करके एनएचएआई को सौंपना है। इसके लिए सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं, रोड को चौड़ा कर 12 लेन किया जा रहा है। रोड को चौड़ा करने के लिए एनएचएआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़ी जमीन मांगी हुई है। अधिकतर जगहों पर जमीन एनएचएआई को दे दी गई है और वहां पर रोड को चौड़ा करने का काम चल रहा है, लेकिन ,मौके पर अभी जमीन पर अवैध कब्जे, पेट्रोल पंप, झुग्गी और ट्यूबवेल लगे हुए हैं। यही नहीं यहां बिजली की लाइनें भी अभी तक नहीं हटाई जा सकी हैं।
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