{"_id":"6ac9342121e5d62fdc03cadc","slug":"global-recognition-through-research-three-professors-from-jc-bose-university-honored-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-82246-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: शोध के दम पर मिली वैश्विक पहचान, जेसी बोस विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसर को सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: शोध के दम पर मिली वैश्विक पहचान, जेसी बोस विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसर को सम्मान
विज्ञापन
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची में मिली जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तीन संकाय सदस्यों ने अपने शोध के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी वर्ष 2026 की दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में विश्वविद्यालय के डॉ. योगेंद्र आर्य, डॉ. दीपांश शर्मा और डॉ. नवीश कटारिया को जगह मिली है। इनमें डॉ. आर्य लगातार सातवीं बार और डॉ. शर्मा तीसरी बार इस सूची में शामिल हुए हैं। वहीं, डॉ. कटारिया को पहली बार यह उपलब्धि मिली है।
जानकारी के अनुसार तीनों वैज्ञानिक अलग-अलग क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र आर्य बिजली व्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। उनके 70 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। लाइफ साइंसेज विभाग के डॉ. दीपांश शर्मा माइक्रोबायोलॉजी के विशेषज्ञ हैं। उनके 75 से अधिक शोध पत्र और आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वहीं, पर्यावरण विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीश कटारिया का शोध माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण, भारी धातुओं और जल शोधन जैसे विषयों पर केंद्रित है। उनके 80 से अधिक शोध पत्र और छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
शोध की गुणवत्ता के आधार पर मिली जगह
यह वैश्विक सूची शोध पत्रों को मिले साइटेशन और अन्य वैज्ञानिक मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के पूरे कॅरिअर और किसी विशेष वर्ष के शोध प्रभाव का आकलन किया जाता है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने तीनों वैज्ञानिकों को बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तीन संकाय सदस्यों ने अपने शोध के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी वर्ष 2026 की दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में विश्वविद्यालय के डॉ. योगेंद्र आर्य, डॉ. दीपांश शर्मा और डॉ. नवीश कटारिया को जगह मिली है। इनमें डॉ. आर्य लगातार सातवीं बार और डॉ. शर्मा तीसरी बार इस सूची में शामिल हुए हैं। वहीं, डॉ. कटारिया को पहली बार यह उपलब्धि मिली है।
जानकारी के अनुसार तीनों वैज्ञानिक अलग-अलग क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र आर्य बिजली व्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। उनके 70 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। लाइफ साइंसेज विभाग के डॉ. दीपांश शर्मा माइक्रोबायोलॉजी के विशेषज्ञ हैं। उनके 75 से अधिक शोध पत्र और आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वहीं, पर्यावरण विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीश कटारिया का शोध माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण, भारी धातुओं और जल शोधन जैसे विषयों पर केंद्रित है। उनके 80 से अधिक शोध पत्र और छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
विज्ञापन
शोध की गुणवत्ता के आधार पर मिली जगह
यह वैश्विक सूची शोध पत्रों को मिले साइटेशन और अन्य वैज्ञानिक मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के पूरे कॅरिअर और किसी विशेष वर्ष के शोध प्रभाव का आकलन किया जाता है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने तीनों वैज्ञानिकों को बधाई दी।
विज्ञापन