फरीदाबाद। निगम में 200 करोड़ के घोटाले के आरोपी पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को गिफ्ट में दी गई इनोवा कार विजिलेंस ने बरामद कर ली है। आरोपी की निशानदेही पर शनिवार को कार सेक्टर-21डी में ही खड़ी मिली। आरोपी ने जांच टीम को गुमराह करने के लिए पहले दिल्ली का पता बताया था। टीम को जिस जगह से कार बरामद हुई है। वहां भास्कर की महिला मित्र का फ्लैट है। आरोपी को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया था। कार ठेकेदार सतवीर ने अपने नाम से खरीदकर मुख्य अभियंता को दी थी।
भास्कर पहले विजिलेंस को दिल्ली लेकर गया। वहां कार नहीं मिली। इसके बाद विजिलेंस आरोपी को लेकर सेक्टर-21डी फ्लैट में पहुंची। वहां कार मिल गई। घोटाला मई 2020 में उजागर हुआ था। नगर निगम के तत्कालीन चार पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल व महेंद्र सरपंच ने तत्कालीन निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि निगम के लेखा विभाग ने ठेकेदार सतवीर की विभिन्न फर्मों को बिना काम किए भुगतान कर दिया है। निगम आयुक्त ने अपने स्तर पर मामले की जांच कराई। भुगतान में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्होंने विजिलेंस जांच की सिफारिश की। विजिलेंस ने इस मामले में दो केस दर्ज किए। अब तक विजिलेंस ठेकेदार सतवीर और मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों विजिलेंस के पास रिमांड पर हैं।